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शांतिपुरी में तस्करों ने काटे पॉपुलर के 75 पेड़
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शांतिपुरी में काटे गए पॉप्लर के पेड़।
- फोटो : RUDRAPUR
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शांतिपुरी। शांतिपुरी क्षेत्र में शांतिपुरी नंबर चार पवन फार्म में नूरपुरखी में बड़े पैमाने पर पॉपलर के पेड़ काटकर तस्करी की जा रही है। अब तस्करों ने 75 पेड़ और काट दिए। तहसीलदार ने मुकदमा दर्ज करने के लिए पंतनगर थाने को पत्र भेजा है।
शांतिपुरी स्थित दो हजार एकड़ में फैले पवन फॉर्म में दशकों पहले पॉपलर के हजारों पेड़ लगाए गए थे लेकिन पेड़ों की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। पेड़ो का स्थानीय लकड़ी तस्करों ने चोरी छिपे अवैध कटान शुरू कर दिया। फार्म के बीचोबीच से अब तक सैंकड़ो पेड़ काटे जा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बीते वर्षों में अब तक हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। एक सप्ताह पहले वन तस्करों ने 75 पेड़ और काट दिए। राजस्व प्रशासन को पता चला तो खलबली मच गई। तत्काल पटवारी को मौके पर भेजा गया। पटवारी की रिपोर्ट के बाद तहसीलदार ने पंतनगर थाने को पत्र भेजकर केस दर्ज करने के लिए कहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जंगल बचाने के लिए कोई स्थाई कदम नहीं उठाया जाता।
इधर, किच्छा के तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने कहा कि पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर थाना पंतनगर को पत्र लिखकर पवन फार्म में पॉपलर के पेड़ के संबंध में केस दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई करने को लिखा गया है। तस्करों को शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।
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चार ट्रैक्टर-ट्राली से पार हुए गिल्टे
रुद्रपुर। पवन फार्म में पॉपुलर के 75 पेड़ एक दिन में ही नहीं काटे गए। एक सप्ताह पहले पेड़ काटे गए। चार दिन पूर्व फार्म से एक के बाद एक चार ट्रैक्टर ट्राली पॉपुलर के गिल्टे लेकर तीसरी मील फाटक से पार हुए। पुलिस और राजस्व विभाग तक मामला पहुंचने के बावजूद इसे दबाए रखा गया। इससे विभागीय कर्मियों की भूमिका भी शक के दायरे में है।
पवन फार्म के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार पेड़ का कटान राजस्व कर्मचारियों की शह पर होता है। पेड़ काटने के बाद उन्हें ठिकाना लगाने में भी कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है। कुछ दिन पहले कटे पेड़ के गिल्टो को ले जाते समय उन्होंने चार ट्रैक्टर-ट्राली को देखा था। उनका कहना है कि पुलिस को भी अवैध कटान के बारे में जानकारी है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है।
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शांतिपुरी स्थित दो हजार एकड़ में फैले पवन फॉर्म में दशकों पहले पॉपलर के हजारों पेड़ लगाए गए थे लेकिन पेड़ों की सुरक्षा को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। पेड़ो का स्थानीय लकड़ी तस्करों ने चोरी छिपे अवैध कटान शुरू कर दिया। फार्म के बीचोबीच से अब तक सैंकड़ो पेड़ काटे जा चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बीते वर्षों में अब तक हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। एक सप्ताह पहले वन तस्करों ने 75 पेड़ और काट दिए। राजस्व प्रशासन को पता चला तो खलबली मच गई। तत्काल पटवारी को मौके पर भेजा गया। पटवारी की रिपोर्ट के बाद तहसीलदार ने पंतनगर थाने को पत्र भेजकर केस दर्ज करने के लिए कहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन जंगल बचाने के लिए कोई स्थाई कदम नहीं उठाया जाता।
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इधर, किच्छा के तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने कहा कि पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर थाना पंतनगर को पत्र लिखकर पवन फार्म में पॉपलर के पेड़ के संबंध में केस दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई करने को लिखा गया है। तस्करों को शीघ्र पकड़ लिया जाएगा।
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चार ट्रैक्टर-ट्राली से पार हुए गिल्टे
रुद्रपुर। पवन फार्म में पॉपुलर के 75 पेड़ एक दिन में ही नहीं काटे गए। एक सप्ताह पहले पेड़ काटे गए। चार दिन पूर्व फार्म से एक के बाद एक चार ट्रैक्टर ट्राली पॉपुलर के गिल्टे लेकर तीसरी मील फाटक से पार हुए। पुलिस और राजस्व विभाग तक मामला पहुंचने के बावजूद इसे दबाए रखा गया। इससे विभागीय कर्मियों की भूमिका भी शक के दायरे में है।
पवन फार्म के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार पेड़ का कटान राजस्व कर्मचारियों की शह पर होता है। पेड़ काटने के बाद उन्हें ठिकाना लगाने में भी कर्मचारियों की मिलीभगत रहती है। कुछ दिन पहले कटे पेड़ के गिल्टो को ले जाते समय उन्होंने चार ट्रैक्टर-ट्राली को देखा था। उनका कहना है कि पुलिस को भी अवैध कटान के बारे में जानकारी है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है।