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समाधान में शिकायत और निस्तारण में यूएसनगर अव्वल
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:17 AM IST
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रुद्रपुर में जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के समाधान पोर्टल में सबसे ज्यादा शिकायतें यूएसनगर के लोगों की दर्ज हो रही है। पोर्टल में दर्ज शिकायतों के साथ ही लंबित शिकायतों में भी जिला पहले पायदान पर हैं। लंबित शिकायतों में सबसे निचले पायदान पर रुद्रप्रयाग है।
प्रदेश की जनता की शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके निस्तारण के लिए वर्ष 2013 में समाधान पोर्टल शुरू किया गया था। पोर्टल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने पर डीएम स्तर से 30 दिनों के भीतर उसको निस्तारित करना होता है। तय समय में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर वह स्वत: ही मंडलायुक्त के स्तर पर अंतरित हो जाती है।
पोर्टल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें 13 जिलों से शिकायतों की संख्या 22,103 है। इनमें से 4627 शिकायतें अस्वीकृत की जा चुकी हैं। इसके अलावा 16,336 शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं जबकि 1140 शिकायतें लंबित हैं। लंबित शिकायतों में पहले स्थान पर ऊधमसिंह नगर है, जहां 310 शिकायत लंबित हैं।
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इसके अलावा देहरादून में 226, हरिद्वार में 181 और चमोली में 97 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में पांच और पिथौरागढ़ में आठ शिकायतें ही लंबित हैं। यदि निस्तारित आवेदनों की बात करें तो सबसे ज्यादा ऊधमसिंह नगर में 2944, अल्मोड़ा में 2252, हरिद्वार में 1703, नैनीताल में 2037 और देहरादून में 1911 शिकायतें निस्तारित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले में ही सबसे ज्यादा 4193 शिकायतें दर्ज हुई हैं। सबसे कम चंपावत में 288 शिकायतें ही दर्ज हुई हैं। आंकड़ों से साफ है कि बड़ा जिला होने के साथ ही यूएस नगर से ही सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं। स्थानीय प्रशासन में सुनवाई नहीं होने पर लोगों को समाधान पोर्टल का सहारा लेना पड़ रहा है।
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प्रदेश की जनता की शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने और उनके निस्तारण के लिए वर्ष 2013 में समाधान पोर्टल शुरू किया गया था। पोर्टल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने पर डीएम स्तर से 30 दिनों के भीतर उसको निस्तारित करना होता है। तय समय में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर वह स्वत: ही मंडलायुक्त के स्तर पर अंतरित हो जाती है।
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पोर्टल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें 13 जिलों से शिकायतों की संख्या 22,103 है। इनमें से 4627 शिकायतें अस्वीकृत की जा चुकी हैं। इसके अलावा 16,336 शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं जबकि 1140 शिकायतें लंबित हैं। लंबित शिकायतों में पहले स्थान पर ऊधमसिंह नगर है, जहां 310 शिकायत लंबित हैं।
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इसके अलावा देहरादून में 226, हरिद्वार में 181 और चमोली में 97 शिकायतें लंबित हैं। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में पांच और पिथौरागढ़ में आठ शिकायतें ही लंबित हैं। यदि निस्तारित आवेदनों की बात करें तो सबसे ज्यादा ऊधमसिंह नगर में 2944, अल्मोड़ा में 2252, हरिद्वार में 1703, नैनीताल में 2037 और देहरादून में 1911 शिकायतें निस्तारित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा ऊधमसिंह नगर जिले में ही सबसे ज्यादा 4193 शिकायतें दर्ज हुई हैं। सबसे कम चंपावत में 288 शिकायतें ही दर्ज हुई हैं। आंकड़ों से साफ है कि बड़ा जिला होने के साथ ही यूएस नगर से ही सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं। स्थानीय प्रशासन में सुनवाई नहीं होने पर लोगों को समाधान पोर्टल का सहारा लेना पड़ रहा है।