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धान खरीद में अवैध कटौती का आरोप, किसानों ने दिया धरना
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:29 AM IST
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रुद्रपुर। धान खरीद में अवैध कटौती करने का आरोप लगाते हुए रुद्रपुर और यूपी के सीमांत गावों के सैकड़ों किसान लामबंद हो गए। उन्होंने धरना देकर आढ़तियों पर मंडी नियमावली के खिलाफ कटौती का आरोप लगाया। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खुली बोली से धान बिक्री व्यवस्था की मांग की।
बृहस्पतिवार को गल्ला मंडी में नारायणपुर, प्रतापपुर, छतरपुर, धरमपुर, तीरथपुर, बगवाड़ा, बागवाला, मल्सी के साथ ही यूपी के करतारपुर, डिबडिबा, मनिहार खेड़ा आदि सीमांत गावों के किसानों ने धरना दिया। आरोप लगाया कि मंडी नियमावली के खिलाफ धान खरीद में अवैध कटौती की जा रही है।
एक किलो प्रति बोरी, 30 किलो प्रति ट्रॉली, डेढ़ प्रतिशत दलाली, एक प्रतिशत नगद भुगतान कटौती की जाती है। तराई किसान संगठन के संयोजक तजिंदर सिंह विर्क ने कहा आढ़तियों की मनमानी पर अंकुश लगना चाहिए। एक अक्तूबर तक धान खरीद केंद्र खुलवाए जाएं। किसानों ने कहा कि मंडी में किसानों की फसल को सुखाने की कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में उन्हें आढ़तियों और राइस मिलर को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ता है। किसानों ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट युक्ता मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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बृहस्पतिवार को गल्ला मंडी में नारायणपुर, प्रतापपुर, छतरपुर, धरमपुर, तीरथपुर, बगवाड़ा, बागवाला, मल्सी के साथ ही यूपी के करतारपुर, डिबडिबा, मनिहार खेड़ा आदि सीमांत गावों के किसानों ने धरना दिया। आरोप लगाया कि मंडी नियमावली के खिलाफ धान खरीद में अवैध कटौती की जा रही है।
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एक किलो प्रति बोरी, 30 किलो प्रति ट्रॉली, डेढ़ प्रतिशत दलाली, एक प्रतिशत नगद भुगतान कटौती की जाती है। तराई किसान संगठन के संयोजक तजिंदर सिंह विर्क ने कहा आढ़तियों की मनमानी पर अंकुश लगना चाहिए। एक अक्तूबर तक धान खरीद केंद्र खुलवाए जाएं। किसानों ने कहा कि मंडी में किसानों की फसल को सुखाने की कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में उन्हें आढ़तियों और राइस मिलर को औने-पौने दामों पर धान बेचना पड़ता है। किसानों ने प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट युक्ता मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
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