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Udham Singh Nagar News: जिला अस्पताल में लिफ्ट हुई खराब, सीढ़ियां चढ़कर हांफे मरीज
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रुद्रपुर। जिला अस्पताल की इकलौती लिफ्ट शुक्रवार को खराब हो गई। गंभीर मरीजों को पहली मंजिल पर स्थित कक्षों तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ रही हैं। मरीजों के बेहाल होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने लिफ्ट ठीक कराने की सुध नहीं ली है।
अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू सभी पहली मंजिल पर हैं। लिफ्ट बंद होने से गर्भवतियों, बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। व्हील चेयर और स्ट्रेचर से आए मरीजों को तीमारदार गोद में उठाकर सीढ़ियों से ऊपर ले जाने को मजबूर थे। रुद्रपुर निवासी अशोक कुमार अपनी बीमार मां नंदा देवी को व्हील चेयर पर लेकर अस्पताल पहुंचे थे। लिफ्ट बंद होने से उन्हें बुजुर्ग मां को सीढ़ियों से खींचते हुए पहली मंजिल तक ले जाना पड़ा। इस दौरान महिला हांफती रही। अशोक ने बताया कि मां चलने में असमर्थ है और लिफ्ट खराब होने से भारी दिक्कत हुई।
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इन सवालों के कौन देगा जवाब
करोड़ों के बजट से चलने वाले जिला अस्पताल में एक लिफ्ट तक ठीक नहीं होना व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। आपात स्थिति में अगर किसी गंभीर मरीज को तुरंत आईसीयू ले जाना पड़ा तो सीढ़ियों से ले जाने में लगने वाला समय उसकी जान पर भारी पड़ सकता है। दिव्यांग, गर्भवती और बुजुर्ग मरीजों के लिए लिफ्ट अनिवार्य है। फिर भी विभागीय लापरवाही से मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।
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कोट-
तकनीकी खामी के कारण जिला अस्पताल में लिफ्ट खराब होने का मामला संज्ञान में आया है। उसे तुरंत ठीक कराने के लिए कहा गया है। शनिवार को लिफ्ट ठीक हो जाएगी। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू सभी पहली मंजिल पर हैं। लिफ्ट बंद होने से गर्भवतियों, बुजुर्ग और गंभीर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। व्हील चेयर और स्ट्रेचर से आए मरीजों को तीमारदार गोद में उठाकर सीढ़ियों से ऊपर ले जाने को मजबूर थे। रुद्रपुर निवासी अशोक कुमार अपनी बीमार मां नंदा देवी को व्हील चेयर पर लेकर अस्पताल पहुंचे थे। लिफ्ट बंद होने से उन्हें बुजुर्ग मां को सीढ़ियों से खींचते हुए पहली मंजिल तक ले जाना पड़ा। इस दौरान महिला हांफती रही। अशोक ने बताया कि मां चलने में असमर्थ है और लिफ्ट खराब होने से भारी दिक्कत हुई।
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इन सवालों के कौन देगा जवाब
करोड़ों के बजट से चलने वाले जिला अस्पताल में एक लिफ्ट तक ठीक नहीं होना व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है। आपात स्थिति में अगर किसी गंभीर मरीज को तुरंत आईसीयू ले जाना पड़ा तो सीढ़ियों से ले जाने में लगने वाला समय उसकी जान पर भारी पड़ सकता है। दिव्यांग, गर्भवती और बुजुर्ग मरीजों के लिए लिफ्ट अनिवार्य है। फिर भी विभागीय लापरवाही से मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।
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कोट-
तकनीकी खामी के कारण जिला अस्पताल में लिफ्ट खराब होने का मामला संज्ञान में आया है। उसे तुरंत ठीक कराने के लिए कहा गया है। शनिवार को लिफ्ट ठीक हो जाएगी। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।