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महतोष मोड़ से चार किमी का सफर बाप रे बाप 

Mon, 24 Dec 2018 12:20 AM IST
विपिन कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
अमर उजाला ब्यूरो  Published by: विपिन कुमार Updated Mon, 24 Dec 2018 12:20 AM IST
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4km journey from Mahotsh Mund
महतोष मोड़ से यूपी को जोड़ने वाली सड़क का ऐसा हो गया है हाल। - फोटो : Amar ujala

एनएच-74 पर महतोष मोड़ से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली करीब चार किलोमीटर सड़क बेहद जर्जर हाल में है। इसके चलते इस मार्ग पर आवागमन करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर यहां स्थित गांव रतनपुरा के लोगों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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यहीं पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश की ओर से आयुर्वेदिक अस्पताल भी खोला गया है, जिसमें पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों का इलाज होता है, जहां देश-विदेश से मरीज आते है लेकिन सड़क की दुर्दशा से मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 26 जनवरी से धरना-प्रदर्शन का एलान किया है।
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वहीं, वैद्य बालेंदु प्रकाश ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट एवं डीएम को भी पत्र भेजकर सड़क का शीघ्र निर्माण करवाने की मांग की है। बता दें कि एनएच-74 पर महतोष मोड़ से यूपी को जोड़ने वाली करीब चार किलोमीटर सड़क की हालत बेहद जर्जर है। सड़क पर बसे करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों में हजारों लोग निवास करते है।
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गड्ढेयुक्त सड़क से किसानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण सड़क की मरम्मत के लिए कई बार क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ठुकराल से भी गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा ग्रामीणों को कुछ नहीं मिला।

बीते एक अक्तूबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने वैद्य बालेंदु प्रकाश की ओर से खोले गए आयुर्वेदिक अस्पताल का शुभारंभ किया था, उस कार्यक्रम में विधायक ठुकराल भी मौजूद थे। तब अजय भट्ट ने मंच से इस सड़क को प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाने की घोषणा की थी लेकिन उनकी घोषणा भी अब तक कोरा आश्वासन ही बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। साथ ही सड़क की दुर्दशा से प्रदेश सरकार की छवि पर भी खराब असर पड़ रहा है।
आयुर्वेदिक अस्पताल उत्तराखंड एवं यूपी की सीमा के मध्य में स्थित हैं, जहां पैंक्रियाटाइटिस रोग के इलाज के लिए देश-विदेश के मरीज भी आते रहते हैं। 

 
पद्मश्री बालेंदु ने ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी दी 
गदरपुर। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित वैद्य बालेंदु प्रकाश ने कहा है कि महतोष मोड़ से रतनपुरा-नबाबगंज तक सड़क की हालत बेहद दयनीय है। जनता सरकार से कोई भीख नही मांग रही है, यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो वह भी ग्रामीणों के साथ 26 जनवरी से धरने पर बैठेंगे और धरना स्थल से ही राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया जाएगा। 

मुख्यमंत्री दे चुके हैं सड़क निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी 
गदरपुर। रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल की मांग पर बीती 19 दिसंबर को रुद्रपुर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से महतोष से रतनपुरा-नवाबगंज तक चार किमी लंबी सड़क के निर्माण की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी जा चुकी है। ऐसे में एक उम्मीद भी बनी है कि शायद निकट भविष्य में सड़क निर्माण शुरू हो जाए। अब देखने वाली बात होगी कि अधिकारी खुद जागते हैं या ग्रामीणों का प्रदर्शन उन्हें जगाता है। 


सड़क के निर्माण में 8-10 करोड़ खर्च आने का अनुमान 
गदरपुर। महतोष मोड़ से रतनपुरा-नवाबगंज तक जर्जर हाल हो चुकी चार किमी लंबी और सात मीटर चौड़ी सड़क के टू-लाइन निर्माण कार्य में 8-10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। पीडब्ल्यूडी के एई विनोद कुमार ने बताया कि चार किमी लंबी सड़क में दो किमी क्षेत्र में आबादी बसी हुई है, जहां सड़क के दोनों तरफ पानी निकासी के लिए नाली निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है। सीएम की ओर से सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब शासनादेश आते ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 

 

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