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ईडी करेगी मुआवजा लेने वाले किसानों की जांच
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:24 AM IST
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रुद्रपुर में एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से लाखों का मुआवजा हड़पने वाले किसानों की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की जाएगी।
एसआईटी की जांच में किसानों द्वारा गलत तरीके से भूमि की 143 कर लाखों का मुआवजा लेने की पुष्टि होने के बाद कुछ किसानों ने सरकार को मुआवजा वापस भी किया था, लेकिन अब भी 35 किसानों ने मुआवजे की राशि वापसी नहीं की है।
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जांच में करोड़ों के घोटाले की पुष्टि होने के बाद एसआईटी द्वारा अब तक बीस लोगों को जेल भेजा जा चुका है, इसमें कुछ पीसीएस अधिकारियों के साथ ही तहसील के अधिकारी, कर्मचारी, किसान और बिचौलिए शामिल हैं। घोटाले में अधिकारियों ने किसानों की भूमि की बैक डेट में 143 कराकर उन्हें लाखों रुपये का मुआवजा दिलाया था और उस रकम में से खुद भी कमीशन की रकम डकारी थी।
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एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ किसानों ने सरकार के खाते में मुआवजा वापस भी किया, लेकिन 35 किसान मुआवजा लौटाने को तैयार नहीं हैं, इसमें बाजपुर तहसील के बीस, गदरपुर का एक, काशीपुर और सितारगंज के सात-सात किसान शामिल हैं। एसआईटी के अनुसार अब इन 35 किसानों की जांच-पड़ताल प्रवर्तन निदेशालय अपने हाथ में ले रहा है।
देर शाम तक ईडी के रुद्रपुर पहुंचने की संभावना है। बृहस्पतिवार से ईडी अपनी जांच शुरू करते हुए एसआईटी से किसानों द्वारा लिए गए मुआवजे के साथ ही उनके बैंक खातों और संपत्ति का ब्योरा जुटाएगी। माना जा रहा है कि ईडी की जांच के बाद कई किसानों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो सकती है।
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एसआईटी की जांच में किसानों द्वारा गलत तरीके से भूमि की 143 कर लाखों का मुआवजा लेने की पुष्टि होने के बाद कुछ किसानों ने सरकार को मुआवजा वापस भी किया था, लेकिन अब भी 35 किसानों ने मुआवजे की राशि वापसी नहीं की है।
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एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जांच में करोड़ों के घोटाले की पुष्टि होने के बाद एसआईटी द्वारा अब तक बीस लोगों को जेल भेजा जा चुका है, इसमें कुछ पीसीएस अधिकारियों के साथ ही तहसील के अधिकारी, कर्मचारी, किसान और बिचौलिए शामिल हैं। घोटाले में अधिकारियों ने किसानों की भूमि की बैक डेट में 143 कराकर उन्हें लाखों रुपये का मुआवजा दिलाया था और उस रकम में से खुद भी कमीशन की रकम डकारी थी।
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एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ किसानों ने सरकार के खाते में मुआवजा वापस भी किया, लेकिन 35 किसान मुआवजा लौटाने को तैयार नहीं हैं, इसमें बाजपुर तहसील के बीस, गदरपुर का एक, काशीपुर और सितारगंज के सात-सात किसान शामिल हैं। एसआईटी के अनुसार अब इन 35 किसानों की जांच-पड़ताल प्रवर्तन निदेशालय अपने हाथ में ले रहा है।
देर शाम तक ईडी के रुद्रपुर पहुंचने की संभावना है। बृहस्पतिवार से ईडी अपनी जांच शुरू करते हुए एसआईटी से किसानों द्वारा लिए गए मुआवजे के साथ ही उनके बैंक खातों और संपत्ति का ब्योरा जुटाएगी। माना जा रहा है कि ईडी की जांच के बाद कई किसानों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई हो सकती है।