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अब चायनीज इलैक्ट्रानिक झालरों के बजाए भारत में निर्मित झालरों की मांग
Updated Mon, 16 Oct 2017 12:19 AM IST
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काशीपुर। दीपावली बाजार में चीन निर्मित विद्युत झालरों के बजाए भारत में बनी झालरों की धूम मची है। भारत में निर्मित वाटरप्रूफ कोप लाइटें लोगों के घरों को रोशन करेंगी।
दीपावली में लोग घरों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रिक झालरें खरीदते है। इस साल लोगों द्वारा भारतीय वाटर प्रूफ कोप लाइट खूब पसंद की जा रही हैं। यह लाइट पानी में खराब नहीं होती है। इसके अलावा दुकानों पर भारतीय और चीली झालरें, गोला, लेजर लाइट, इंडियन कलश, इलेक्ट्रिानिक मोमबत्ती, दीपक, बैट्री वाली मोमबत्ती, राइस झालरें उपलब्ध है।
15 मीटर वाली भारतीय झालरों की कीमत 190 रुपये है। वहीं चीनी झालरें पांच से 40 मीटर तक उपलब्ध है। इनकी कीमत 15 से 200 रुपये तक है। बाजार में तरह तरह के उत्पाद तैयार है लेकिन जीएसटी की मार से बाजार में रौनक कम है।
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75 फीसदी व्यापार ठप
जीएसटी से दीपावली बाजार में सन्नाटा है, जिससे दुकानदार मायूस हैं। दुकानें सामान से भरी हुई है, लेकिन खरीददार बहुत कम नजर आ रहे हैं। इससे बिक्री पर प्रभाव पड़ रहा है। परनामी इलेक्ट्रिॉनिक दुकान स्वामी राजीव परनामी कहते है कि दीपावली आते ही दुकानदार उत्साहित रहते थे, लेकिन इस साल जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी।
जीएसटी से 75 फीसदी व्यापार ठप हो गया है। हर साल दशहरे के बाद लोग दीपावली की खरीददारी में जुट जाते थे। लेकिन इस साल दीपावली के कुछ ही दिन शेष है। अभी तक बाजार में ग्राहक नहीं दिखाई दे रहा है।
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दीपावली में लोग घरों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार की इलेक्ट्रिक झालरें खरीदते है। इस साल लोगों द्वारा भारतीय वाटर प्रूफ कोप लाइट खूब पसंद की जा रही हैं। यह लाइट पानी में खराब नहीं होती है। इसके अलावा दुकानों पर भारतीय और चीली झालरें, गोला, लेजर लाइट, इंडियन कलश, इलेक्ट्रिानिक मोमबत्ती, दीपक, बैट्री वाली मोमबत्ती, राइस झालरें उपलब्ध है।
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15 मीटर वाली भारतीय झालरों की कीमत 190 रुपये है। वहीं चीनी झालरें पांच से 40 मीटर तक उपलब्ध है। इनकी कीमत 15 से 200 रुपये तक है। बाजार में तरह तरह के उत्पाद तैयार है लेकिन जीएसटी की मार से बाजार में रौनक कम है।
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75 फीसदी व्यापार ठप
जीएसटी से दीपावली बाजार में सन्नाटा है, जिससे दुकानदार मायूस हैं। दुकानें सामान से भरी हुई है, लेकिन खरीददार बहुत कम नजर आ रहे हैं। इससे बिक्री पर प्रभाव पड़ रहा है। परनामी इलेक्ट्रिॉनिक दुकान स्वामी राजीव परनामी कहते है कि दीपावली आते ही दुकानदार उत्साहित रहते थे, लेकिन इस साल जीएसटी ने व्यापारियों की कमर तोड़कर रख दी।
जीएसटी से 75 फीसदी व्यापार ठप हो गया है। हर साल दशहरे के बाद लोग दीपावली की खरीददारी में जुट जाते थे। लेकिन इस साल दीपावली के कुछ ही दिन शेष है। अभी तक बाजार में ग्राहक नहीं दिखाई दे रहा है।