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आग में 23 मवेशी जिंदा जले

Thu, 12 Jan 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर Updated Thu, 12 Jan 2017 12:17 AM IST
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23 burnt alive in the fire cattle
काशीपुर के भोगपुर गांव में आग में राख हुई झोपड़ी और जिंदा जले मवेशी - फोटो : अमर उजाला
अज्ञात कारणों से लगी आग में एक खेतीहर मजदूर की झोपड़ी और गाेशाला जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आने से गाेशाला में बंधे 23 मवेश्‍ाी जिंदा जल गए। खूंटा तोड़कर भागी एक भैंस और झुलसी गाय ही बच पाई। एसडीएम सहित जनप्रतिनिधियों ने घटनास्थल का मुआयना कर परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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ग्राम भोगपुर में प्रदीप चंद्रा के फार्म में राधेश्याम अपने परिवार के साथ झोपड़ी बनाकर रहता है। झोपड़ी के बगल में ही उसने घासफूस से गाेशाला में मवेशी पाल रखे थे। मंगलवार रात राधेश्याम का छोटा बेटा रति कुमार का प्रतापपुर के पास हुए हादसे में घायल हो गया था। सारा परिवार घर छोड़कर रति के पास सरकारी अस्पताल में थे। आधी रात को ग्रामीणों ने राधेश्याम की झोपड़ी और गाेशाला से आग की लपटें उठती देखी। शोरगुल होने पर एकत्र ग्रामीणों ने आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल होती चली गई। आग में जलकर गौशाला के खूंटों में जंजीरों से बंधी दो भैंस, एक गाय, 14 बकरियां, बकरियों के छह बच्चों की जलकर मौत हो गई।
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ग्रामीणों के अनुसार आग की चपेट में आकर एक गाय झुलस गई, जबकि एक भैंस खूंटा तोड़कर बाहर आ गई। बुधवार सुबह एसडीएम दयानंद सरस्वती, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, ब्लाक प्रमुख गुरमुख सिंह सहित पुलिस और राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद का भरोसा दिया। राधेश्याम ने बताया कि आग में मवेशियों के साथ ही घर में रखा 17 क्विंटल गेहूं, क्विंटल धान, बिस्तर सहित सारा सामान जलकर खाक हो गया। आग से उसे करीब चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ एसडीएम सरस्वती ने बताया कि राधेश्याम को आग से हुए नुकसान का आंकलन राजस्व टीम कर रही है। जल्द ही उसे मुआवजा राशि दी जाएगी।
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ग्राम भोगपुर निवासी राधेश्याम के परिवार में आठ सदस्य हैं। वह खेतों में मजदूरी के साथ ही पशुपालन करता है। उसके चार पुत्र भी खेतीहर मजदूर है। राधेश्याम ने बताया कि परिवार के पास सिर छिपाने के लिए झोपड़ी का ही आसरा था। अग्निकांड में कुछ भी नहीं बच सका है। उसके और परिवार की मेहनत से कमाई पूंजी राख हो गई है। उसका परिवार सड़क पर आ गया है।
 
 
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