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तराई की 72 प्रतिशत मिट्टी में फास्फेट की कमी
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:04 AM IST
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अंधाधुुंध रसायनिक खादों के इस्तेमाल से जिले में खेती की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है। मिट्टी के करीब 41 हजार नमूनों में से 72 प्रतिशत में फास्फेट की मात्रा बेहद कम मिली है। इससे कृषि विभाग के सामने नई चुनौती आ गई है।
वर्ष 2015 से 2017 के बीच जिले में जमीन की उर्वरा शक्ति मापने के लिए 40 हजार 99 नमूने भरे गए थे। इसकी रिपोर्ट में जिले में 71.9 प्रतिशत नमूनों में फास्फेट की मात्रा और 70.1 प्रतिशत नमूनों में जीवाश्म कार्बन की मात्रा न्यूनतम स्तर पर मिली है, जबकि 36.4 प्रतिशत नमूनों में पोटाश की मात्रा बेहद कम मिली है।
चूंकि फास्फेट और पोटाश जमीन की उर्वरा शक्ति के लिए महत्वपूर्ण व मुख्य पोषकतत्व माने जाते हैं, इसलिए कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने चुनौती पेश हो गई है। इससे ऊधमसिंह नगर जिले में कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उत्पादन को बढ़ाने के किसानों और कृषि विभाग के सामने रसायनिक खादों के अधिक इस्तेमाल की मजबूरी और बढ़ जाएगी।
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सितारगंज और काशीपुर ब्लॉक से लिए गए नमूनों में सर्वाधिक 76 प्रतिशत फास्फेट की कमी है। कृषि के लिहाज से सितारगंज सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना कहते हैं कि मिट्टी के पोषक तत्वों से संबंधित रिपोर्ट कृषि मंत्रालय को भेज दी गई है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
वर्ष 2015 से 2017 के बीच जिले में जमीन की उर्वरा शक्ति मापने के लिए 40 हजार 99 नमूने भरे गए थे। इसकी रिपोर्ट में जिले में 71.9 प्रतिशत नमूनों में फास्फेट की मात्रा और 70.1 प्रतिशत नमूनों में जीवाश्म कार्बन की मात्रा न्यूनतम स्तर पर मिली है, जबकि 36.4 प्रतिशत नमूनों में पोटाश की मात्रा बेहद कम मिली है।
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चूंकि फास्फेट और पोटाश जमीन की उर्वरा शक्ति के लिए महत्वपूर्ण व मुख्य पोषकतत्व माने जाते हैं, इसलिए कृषि विभाग के अधिकारियों के सामने चुनौती पेश हो गई है। इससे ऊधमसिंह नगर जिले में कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। उत्पादन को बढ़ाने के किसानों और कृषि विभाग के सामने रसायनिक खादों के अधिक इस्तेमाल की मजबूरी और बढ़ जाएगी।
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सितारगंज और काशीपुर ब्लॉक से लिए गए नमूनों में सर्वाधिक 76 प्रतिशत फास्फेट की कमी है। कृषि के लिहाज से सितारगंज सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना कहते हैं कि मिट्टी के पोषक तत्वों से संबंधित रिपोर्ट कृषि मंत्रालय को भेज दी गई है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।