फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   समाज में परिवर्तन लाना है तो खुद को बदलना होगा: ओक

समाज में परिवर्तन लाना है तो खुद को बदलना होगा: ओक

Sun, 18 Jun 2017 12:52 AM IST
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:52 AM IST
विज्ञापन
समाज में परिवर्तन लाना है तो खुद को बदलना होगा: ओक
समाज बदलना है तो खुद को बदलना होगा : ओक
विज्ञापन

रुद्रपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि समाज की स्थिति हर कार्य के लिए सरकार की ओर देखने की हो गई है, इस परिपाटी को बदलना होगा। हम हर कार्य के लिए सरकार को दोषी ठहराते हैं लेकिन जो कार्य समाज को करने चाहिए। हम नहीं करते। यह स्थिति समाज के लिए ठीक नहीं है। परिवर्तन लाना है तो खुद को भी बदलना होगा।

सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक शनिवार शाम जनता इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। बतौर मुख्य वक्ता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनिल ओक ने कहा कि संघ 1.50 लाख सेवा कार्यों के माध्यम से समाज के वंचित पिछड़े लोगों के बीच कार्य कर रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन नजर आ रहा है। आज सर्वाधिक आवश्यकता व्यक्ति निर्माण की है और यह कार्य संघ अपनी शाखाओं के माध्यम से बखूबी कर रहा है। उन्होंने आगे कहा संघ 1925 से हिंदू संगठन का कार्य कर रहा है। समाज की दृष्टि संघ की ओर देखने की हो गई है लेकिन संघ को बाहर से देखने से समाज की स्थिति में परिवर्तन कठिन होगा। वास्तव में परिवर्तन चाहते हैं तो संघ को निकट से समझने के लिए संघ में आना होगा। हम किसी भी कार्य के लिए सरकार पर दोष मढ़ते हैं यह ठीक नहीं है। समाज को यदि परिवर्तन लाना है तो सरकार की ओर देखने की अपेक्षा स्वयं भी पहल करनी होगी। ओक ने कहा कि आज भारत अनेक भीतरी और बाह्य समस्याओं से घिरा है। इनमें आतंकवाद, नक्सलवाद, जातिवाद प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए समाज को जितना जागरूक होना चाहिए वह अभी नहीं है। बातें बहुत हैं पर धरातल पर कोई कार्य नहीं दिखाई देता। यदि इन सब समस्याओं का निराकरण करना हो और एक समरस समाज का निर्माण करना है तो उत्तर केवल हिंदू संगठन है। उन्होंने कहा विश्व का मार्गदर्शन करने में केवल भारत सक्षम है यदि भारत को सक्षम बनाना हो तो सबल समरस एकात्म समाज की आवश्यकता है। इसको गति देने से ही भारत विश्व गुरू बन सकेगा। इससे पूर्व शिक्षा वर्ग में 21 दिनों से प्रशिक्षण ले रहे स्वयंसेवकों ने शारीरिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए मन मोह लिया। स्वयंसेवकों ने दंड संचालन, दंड से बचाव के कई शारीरिक प्रदर्शन किये। समापन समारोह की अध्यक्षता टाइटन कंपनी के प्लांट हैड संजय सिंघल ने की। वहां शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, विधायक राजकुमार ठुकराल, सुशील, रणवीर, श्रीपाल राणा, गजेंद्र सिंह, युद्धवीर, चंद्रशेखर, बरीत सिंह, धीरेंद्र भट्ट, लक्ष्मी नारायण, शिव अरोरा, भारत भूषण चुघ आदि थे।
विज्ञापन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 21 दिवसीय शिक्षा वर्ग का समापन
समापन पर स्वयंसेवकों ने शारीरिक कौशल का प्रदर्शन किया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed