{"_id":"5b50d7504f1c1b3f748b5d5b","slug":"191532024656-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हंगामे की भेंट चढ़ी स्कूल प्रबंधन की बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हंगामे की भेंट चढ़ी स्कूल प्रबंधन की बैठक
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गदरपुर। रेड रोज कान्वेंट स्कूल में किताबों और फीस वृद्धि को लेकर शिकायतों के मद्देनजर स्कूल प्रबंधन की ओर से बुलाई गई अभिभावकों की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक में स्कूल के प्रबंधक नैब सिंह धलीवाल ने बताया कि एनसीईआरटी की केवल चार पुस्तकें हैं, इससे पढ़ाई में परेशानी हो रही है। इस वजह से बाजार की किताबें लगानी पड़ी हैं।
निजी किताबों को लेकर अभिभावकों का मिलाजुला रुख सामने आया। कुछ इनके पक्ष और कुछ इनके विरोध में थे। मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रबंधक को माइक छोड़ना पड़ा। इसके बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया, पूर्व सभासद मनोज गुंबर, संजीव अरोड़ा, डॉ. सोनू विश्वास, ब्रिजेश कुमार बिल्लन, नितिन छाबड़ा, राकेश गुंबर सहित तमाम अभिभावकों की प्रबंधक नैब सिंह धलीवाल के साथ वार्ता हुई।
इसमें अभिभावकों ने स्कूल में निजी पुस्तकों को बंद करने एवं पूर्व में ली गई किताबों को वापस करने, स्कूल बसों में बच्चों की संख्या को सीमित करने, मई-जून की फीस न लिए जाने, बस किराया एवं फीस में की जाने वाली बढ़ोतरी को बंद करने, लेट फीस के लिए डाले जाने वाले जुर्माने को बंद करने की मांग की। प्रबंधक ने स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराए जाने का आश्वासन और सुझावों पर विचार करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
निजी किताबों को लेकर अभिभावकों का मिलाजुला रुख सामने आया। कुछ इनके पक्ष और कुछ इनके विरोध में थे। मामला इतना गंभीर हो गया कि प्रबंधक को माइक छोड़ना पड़ा। इसके बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया, पूर्व सभासद मनोज गुंबर, संजीव अरोड़ा, डॉ. सोनू विश्वास, ब्रिजेश कुमार बिल्लन, नितिन छाबड़ा, राकेश गुंबर सहित तमाम अभिभावकों की प्रबंधक नैब सिंह धलीवाल के साथ वार्ता हुई।
विज्ञापन
इसमें अभिभावकों ने स्कूल में निजी पुस्तकों को बंद करने एवं पूर्व में ली गई किताबों को वापस करने, स्कूल बसों में बच्चों की संख्या को सीमित करने, मई-जून की फीस न लिए जाने, बस किराया एवं फीस में की जाने वाली बढ़ोतरी को बंद करने, लेट फीस के लिए डाले जाने वाले जुर्माने को बंद करने की मांग की। प्रबंधक ने स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराए जाने का आश्वासन और सुझावों पर विचार करने की बात कही।
विज्ञापन