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अमर उजाला ने पहले ही चेता दिया था
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:33 AM IST
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अमर उजाला नेकाशीपुर। अमर उजाला बाढ़ के खतरे से पहले ही आगाह कर चुका था। चेताया था कि ढेला नदी के किनार अवैध कॉलोनियां बस रही हैं। बाढ़ आने पर इन कॉलोनियों में रहने वालों को गंभीर खतरा हो सकता है।
अमर उजाला ने अपने 15 जुलाई के अंक में कई बस्तियों पर मंडराया बाढ़ का खतरा शीर्षक से प्रमुखता से समाचार लिखा था। चेताया था कि नियम कानूनों को ताख पर रख कर बिना नक्शे पास किए ढेला नदी के किनार, खादर में धड़ल्ले से कॉलोनियां बस रही हैं, जिनको बारिश में बाढ़ का खतरा होगा।
इस चेतावनी के बाद भी प्रशासन जागा न ही सस्ते के चक्कर में नदी के किनारे की जमीन खरीदने वाले लोग जागे। समाचार में बताया गया था कि ढेला नदी का चौड़ा फाट है नदी हर साल रास्ता बदल कर बहती है। इसमें किसानों की जमीनें भी नदी में आ जाती है। प्रॉपर्टी डीलर नदी के खादर या किनारे पर जिन किसानों के नाम जमीन है उसे सस्ते में खरीद कर अधिकारियों से मिल कर 143 करा लेते हैं। नक्शा पास कराए बिना जमीन की प्लॉटिंग कर देते हैं जबकि नियमानुसार नदी से दो सौ मीटर तक कोई निर्माण नहीं हो सकता है। कॉलोनियां तो बस गई लेकन उनमें रहने वालों के पर हर समय बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। अगर शनिवार को पांच हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा जाता तो सभी कॉलोनियां बह जातीं।
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अमर उजाला ने अपने 15 जुलाई के अंक में कई बस्तियों पर मंडराया बाढ़ का खतरा शीर्षक से प्रमुखता से समाचार लिखा था। चेताया था कि नियम कानूनों को ताख पर रख कर बिना नक्शे पास किए ढेला नदी के किनार, खादर में धड़ल्ले से कॉलोनियां बस रही हैं, जिनको बारिश में बाढ़ का खतरा होगा।
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इस चेतावनी के बाद भी प्रशासन जागा न ही सस्ते के चक्कर में नदी के किनारे की जमीन खरीदने वाले लोग जागे। समाचार में बताया गया था कि ढेला नदी का चौड़ा फाट है नदी हर साल रास्ता बदल कर बहती है। इसमें किसानों की जमीनें भी नदी में आ जाती है। प्रॉपर्टी डीलर नदी के खादर या किनारे पर जिन किसानों के नाम जमीन है उसे सस्ते में खरीद कर अधिकारियों से मिल कर 143 करा लेते हैं। नक्शा पास कराए बिना जमीन की प्लॉटिंग कर देते हैं जबकि नियमानुसार नदी से दो सौ मीटर तक कोई निर्माण नहीं हो सकता है। कॉलोनियां तो बस गई लेकन उनमें रहने वालों के पर हर समय बाढ़ का खतरा मंडराता रहता है। अगर शनिवार को पांच हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा जाता तो सभी कॉलोनियां बह जातीं।
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