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कृषि क्षेत्र में पंतनगर विवि का उम्दा योगदान
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:30 AM IST
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पंतनगर। पंतनगर विश्वविद्यालय के जैव सूचना केंद्र की ओर ‘ए जर्नी टुवार्ड्स सिस्टम बायोलॉजी: बायोकम्प्यूटिंग ऑफ हाई थ्रुपुट ऑमिक्स डाटा’ विषय पर चार दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। मंगलवार को मुख्य अतिथि कुलसचिव डॉ. एपी शर्मा ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि विवि कृषि के विकास में अपने शिक्षण, शोध और प्रसार कार्यों से देश में अग्रणी रहा है।
इसके प्रयास से देश में हरित क्रांति सफलतापूर्वक शुरू हुई थी। विवि केवल कृषि के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि नई प्रजातियों और नए जीन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है, जो सराहनीय है। विश्वविद्यालय कृषि के क्षेत्र में रोग-रोधी, उच्च उत्पादन के साथ गुणवत्तायुक्त किस्में, नए शोध और नए सुधार लाने में सहयोग प्रदान कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल वैज्ञानिक और शोधकर्मी आनुवंशिकी के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ेंगे, जो जैव आनुवंशिकी के क्षेत्र में नई क्रांति का उद्भव करेंगे।
विशिष्ट अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ के अंतरविषयीय जैव तकनीकी के समन्वयक प्रो. एयू खान ने कार्यशाला के विषय की महत्ता के बारे में बताते हुए आधुनिक शोध के लिए इसे कारगर बताया। अधिष्ठाता विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय डॉ. एके शुक्ला, कार्यक्रम आयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप अरोरा, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. गौहरताज ने भी विचार व्यक्त किए।
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इसके प्रयास से देश में हरित क्रांति सफलतापूर्वक शुरू हुई थी। विवि केवल कृषि के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि नई प्रजातियों और नए जीन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है, जो सराहनीय है। विश्वविद्यालय कृषि के क्षेत्र में रोग-रोधी, उच्च उत्पादन के साथ गुणवत्तायुक्त किस्में, नए शोध और नए सुधार लाने में सहयोग प्रदान कर रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल वैज्ञानिक और शोधकर्मी आनुवंशिकी के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ेंगे, जो जैव आनुवंशिकी के क्षेत्र में नई क्रांति का उद्भव करेंगे।
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विशिष्ट अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़ के अंतरविषयीय जैव तकनीकी के समन्वयक प्रो. एयू खान ने कार्यशाला के विषय की महत्ता के बारे में बताते हुए आधुनिक शोध के लिए इसे कारगर बताया। अधिष्ठाता विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय डॉ. एके शुक्ला, कार्यक्रम आयोजक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप अरोरा, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. गौहरताज ने भी विचार व्यक्त किए।
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