फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   वायु, जल और जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण की सहमति अनिवार्य

वायु, जल और जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण की सहमति अनिवार्य

Wed, 31 Jan 2018 12:38 AM IST
Updated Wed, 31 Jan 2018 12:38 AM IST
विज्ञापन
वायु, जल और जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण की सहमति अनिवार्य
काशीपुर। अब तक जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण की जानकारी देने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने सरकारी अस्पतालों को नोटिस भेजे थे। लेकिन, अब अस्पतालों को जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के लिए पीसीबी से सहमति लेनी ही होगी, बल्कि वायु और जल की भी जानकारी देनी होगी।
विज्ञापन


जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के संबंध में पीसीबी ने पहले ही अस्पतालों को नोटिस भेज कचरे के निस्तारण के बारे में जानकारी मांगी है। अब पीसीबी दोबारा जिले के करीब 109 अस्पतालों को नोटिस भेज वायु, जल और जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के लिए शुल्क जमा कर सहमति लेने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि एयर वाटर नियम 2016 के तहत पीसीबी से अस्पतालों को सहमति लेना अनिवार्य है।
विज्ञापन


जिले के 109 अस्पतालों को चिन्हित कर नोटिस भेजे जा रहे हैं। साथ ही शुल्क के लिए आवेदन करने के लिए अलग-अलग मानकों के तहत शुल्क डिटेल भी भेजी जा रही है, ताकि अस्पताल अपने मानकों के अनुसार शुल्क जमा कर सहमति ले सकें। सिंह ने बताया कि शुल्क जमा करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है। यदि इसके बाद भी कोई अस्पताल पीसीबी से सहमति नहीं लेता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सहमति के लिए आवेदन करने के बाद पीसीबी की एक टीम अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। सभी मानक दुरुस्त पाए जाने पर ही सहमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यह शुल्क वर्ष 2002 से अब तक 2018 तक का जमा करना होगा।

अब तक 95 फीसदी अस्पतालों ने जानकारी दी
काशीपुर। अमर उजाला में जैव चिकित्सीय कचरे के सही निस्तारण नहीं होने के समाचार प्रकाशित होने के बाद पीसीबी ने जिले के 145 अस्पताल, लैबों और नर्सिंगहोमों को नोटिस जारी कर जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण करने के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा था।


पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि अब तक 95 फीसदी अस्पतालों ने जैव चिकित्सीय कचरे के निस्तारण के संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी है, जिन अस्पतालों या लैबों ने जानकारी नहीं दी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई पीसीबी करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed