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राशन डीलर का निरस्त लाइसेंस कुमाऊं कमिश्नर ने किया बहाल
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जसपुर में कुमाऊं कमिश्नर ने निजामगढ़ के राशन डीलर का निरस्त लाइसेंस बहाल कर दिया है। निजामगढ़ के ग्राम प्रधान पति सरफराज अहमद और ग्रामीणों ने 29 सितंबर 2018 को तत्कालीन एसडीएम दयानंद सरस्वती को शिकायती पत्र सौंपकर डीलर मो. उमर खान पर राशन वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। एसडीएम द्वारा गठित जांच टीम के आधार पर डीएम ने लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई को लेकर राशन डीलर ने कुमाऊं कमिश्नर के यहां अपील की थी।
कुमाऊं कमिश्नर ने जांच पड़ताल के बाद पाया कि जिन व्यक्तियों की शिकायत को आधार बनाकर लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की गई है उनमें से अधिकांश शिकायत कर्ताओं ने प्रार्थना पत्र मय शपथ पत्र दिया कि उनको गलत तौर पर धोखे से ग्राम प्रधान पति ने शिकायती प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
ग्राम प्रधान पति सरफराज अहमद एक समाचार पत्र के कथित पत्रकार के साथ मिलकर राशन डीलर से पैसा और राशन के कट्टे प्रतिमाह फिक्स करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसकी शिकायत राशन डीलर ने तहसीलदार से की थी। जिससे खिन्न होकर ग्राम प्रधान पति और कथित पत्रकार षड़यंत्र के तहत फर्जी व गलत शिकायत कर अपने खास व्यक्ति को लाइसेंस दिलाना चाहते थे। मामले की सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2019 को कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने डीएम तथा डीएसओ ऊधम सिंह नगर समेत ग्राम प्रधान पति सरफराज अहमद को आदेशित कर डीएम के आदेशों को निरस्त कर राशन डीलर मो. उमर का लाइसेंस बहाल कर दिया है। उधर, फर्जी शिकायत कर्ताओं पर कार्रवाई के जवाब में डीएसओ श्याम आर्य ने बताया कि उन्होंने अभी कमिश्नर के आदेशों को पढ़ा नहीं है। डीएम के आदेश पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
कुमाऊं कमिश्नर ने जांच पड़ताल के बाद पाया कि जिन व्यक्तियों की शिकायत को आधार बनाकर लाइसेंस निरस्त की कार्रवाई की गई है उनमें से अधिकांश शिकायत कर्ताओं ने प्रार्थना पत्र मय शपथ पत्र दिया कि उनको गलत तौर पर धोखे से ग्राम प्रधान पति ने शिकायती प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।
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ग्राम प्रधान पति सरफराज अहमद एक समाचार पत्र के कथित पत्रकार के साथ मिलकर राशन डीलर से पैसा और राशन के कट्टे प्रतिमाह फिक्स करने के लिए दबाव बना रहे थे। इसकी शिकायत राशन डीलर ने तहसीलदार से की थी। जिससे खिन्न होकर ग्राम प्रधान पति और कथित पत्रकार षड़यंत्र के तहत फर्जी व गलत शिकायत कर अपने खास व्यक्ति को लाइसेंस दिलाना चाहते थे। मामले की सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2019 को कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने डीएम तथा डीएसओ ऊधम सिंह नगर समेत ग्राम प्रधान पति सरफराज अहमद को आदेशित कर डीएम के आदेशों को निरस्त कर राशन डीलर मो. उमर का लाइसेंस बहाल कर दिया है। उधर, फर्जी शिकायत कर्ताओं पर कार्रवाई के जवाब में डीएसओ श्याम आर्य ने बताया कि उन्होंने अभी कमिश्नर के आदेशों को पढ़ा नहीं है। डीएम के आदेश पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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