{"_id":"5c23d2f3bdec2256d6424c0b","slug":"151545851635-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सितारगंज में अतिक्रमण 35 फिट से कम हटाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सितारगंज में अतिक्रमण 35 फिट से कम हटाने की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सितारगंज। शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर पीडब्लूडी और प्रशासन की ओर से नोटिस जारी होने के बाद से ही नगरवासी चिंतित है। नगरवासियों का कहना है कि खटीमा में डिवाइडर से 35 फुट से कम अतिक्रमण हटाया गया। जबकि शहर में 35 फुट हटाया जा रहा है। उन्होंने 35 फुट से कम हटाने की मांग की।
नगर पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर कम अतिक्रमण हटाने की मांग की है। कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अन्य शहरों की तर्ज पर नहीं की जा रही है। शहर के सौंदर्यीकरण के तहत व्यापारियों को डिवाइडर से 35 फुट तक सड़क खाली करने को कहा गया है। जेल कैंप रोड पर कई सरकारी भवन हैं, जिसमें तहसील, रजिस्ट्रार कार्यालय, कोतवाली, जल संस्थान, इंटर कॉलेज और कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल है।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अगर कार्रवाई 35 फुट पर होती है तो सभी सरकारी भवन इसकी जद में आएंगे। उन्होंने सीएम से गुहार लगाई है कि अतिक्रमण पर 35 फुट पर कार्रवाई न हो ताकि शहर के लोगों को नुकसान न उठाना पड़े। बता दें कि 12 दिसंबर को संबंधित विभाग की ओर से व्यापारियों को निर्धारित जगह खाली करने के आदेश दिए गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर कम अतिक्रमण हटाने की मांग की है। कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अन्य शहरों की तर्ज पर नहीं की जा रही है। शहर के सौंदर्यीकरण के तहत व्यापारियों को डिवाइडर से 35 फुट तक सड़क खाली करने को कहा गया है। जेल कैंप रोड पर कई सरकारी भवन हैं, जिसमें तहसील, रजिस्ट्रार कार्यालय, कोतवाली, जल संस्थान, इंटर कॉलेज और कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल है।
विज्ञापन
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अगर कार्रवाई 35 फुट पर होती है तो सभी सरकारी भवन इसकी जद में आएंगे। उन्होंने सीएम से गुहार लगाई है कि अतिक्रमण पर 35 फुट पर कार्रवाई न हो ताकि शहर के लोगों को नुकसान न उठाना पड़े। बता दें कि 12 दिसंबर को संबंधित विभाग की ओर से व्यापारियों को निर्धारित जगह खाली करने के आदेश दिए गए थे।
विज्ञापन