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बौर जलाशय में तीसरे दिन नहीं हुई पैराशूट लैडिंग
Updated Thu, 19 Jul 2018 11:54 PM IST
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गूलरभोज। सेना की ओर से जवानों को बिना अनुमति बौर जलाशय में पैराशूट प्रशिक्षण देने के मामले ने तूल पकड़ा तो तीसरे दिन क्षेत्र में सेना का हेलीकाप्टर नहीं आया। पुलिस प्रशासन ने भी सेना के अफसरों से जलाशय में प्रशिक्षण को लेकर जानकारी मांगी है।
दरअसल मंगलवार और बुधवार को बौर जलाशय में सेना के जवानों को हेलीकाप्टर से पैराशूट लैंडिंग कराकर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। बुधवार को मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया तो इसको लेकर सेना के अफसरों से संपर्क साधा गया। गूलरभोज चौकी प्रभारी मनोहर चंद ने बताया कि सूबेदार मेजर पीएस राठौर से प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली गई तो पता चला कि हिमाचल के नाहन पैरा मिलिट्री के स्पेशल कमांडो को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
यह जवान 16 जुलाई को हल्द्वानी के बेस कैंप में पहुंचे थे और वहीं से प्रशिक्षण कराया जा रहा था। बताया कि प्रशिक्षक को लेकर किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सेना के अधिकारियों को अनुमति लेकर प्रशिक्षण कराने को कहा गया है। जलाशय में कागजी कार्रवाई के बाद ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि प्रशिक्षण का स्थान बदल दिया गया लेकिन बृहस्पतिवार को सेना के जवानों को प्रशिक्षण नहीं कराया गया है।
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दरअसल मंगलवार और बुधवार को बौर जलाशय में सेना के जवानों को हेलीकाप्टर से पैराशूट लैंडिंग कराकर प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। बुधवार को मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया तो इसको लेकर सेना के अफसरों से संपर्क साधा गया। गूलरभोज चौकी प्रभारी मनोहर चंद ने बताया कि सूबेदार मेजर पीएस राठौर से प्रशिक्षण संबंधी जानकारी ली गई तो पता चला कि हिमाचल के नाहन पैरा मिलिट्री के स्पेशल कमांडो को प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
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यह जवान 16 जुलाई को हल्द्वानी के बेस कैंप में पहुंचे थे और वहीं से प्रशिक्षण कराया जा रहा था। बताया कि प्रशिक्षक को लेकर किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सेना के अधिकारियों को अनुमति लेकर प्रशिक्षण कराने को कहा गया है। जलाशय में कागजी कार्रवाई के बाद ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि प्रशिक्षण का स्थान बदल दिया गया लेकिन बृहस्पतिवार को सेना के जवानों को प्रशिक्षण नहीं कराया गया है।
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