{"_id":"609195d78ebc3ec0d8342895","slug":"150-vechicles-entres-from-up-border-rudrapur-news-hld423417527","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी सीमा से 150 वाहनों की एंट्री, 30 वाहन लौटाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी सीमा से 150 वाहनों की एंट्री, 30 वाहन लौटाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुद्रपुर। कोरोना को लेकर रुद्रपुर की रामपुर सीमा पर पाबंदी बढ़ा दी गई हैं। मंगलवार को यूपी और बाहरी राज्यों से आने वाले 150 वाहनों की एंट्री हुई जबकि घूमने के लिए राज्य में आ रहे 30 वाहनों को वापस लौटा दिया गया। पुलिस कर्मियों के कुंभ ड्यूटी से लौटने के बाद जिले की सीमाओं को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कुंभ से पुलिस कर्मियों के लौटने के बाद सीमाओं पर सख्ती पहले से अधिक बढ़ गई है। पीएसी के साथ ही कोतवाली पुलिस कर्मियों को रामपुर सीमा पर तैनात किया गया है। बुधवार को सीमा को पार कर रुद्रपुर आने वाले दोपहिया, चार पहिया समेत निजी व रोडवेज बसों को रोका गया। बाहरी राज्य से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट होने के बाद रुद्रपुर आने की परमिशन दी गई। सीओ सिटी अमित कुमार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सीमा पर एसआई मनोज जोशी के नेतृत्व में टीम ने वाहनों की तलाशी और लोगों की कोरोना रिपोर्ट की जांच की। 150 वाहनों को जांच पड़ताल के बाद रुद्रपुर आने दिया गया।
दिनेश को बेटे तो मानसी को पति की चिंता खींच लाई पहाड़
रुद्रपुर। कोरोना कर्फ्यू लागू होने के बाद लोगों को अपने परिजनों की चिंता सताने लगी है। नैनीताल के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहे बच्चे को लेने के लिए दिल्ली से दिनेश चंद्र नैनीताल गए तो हरियाणा से मानसी पति की चिंता होने पर उनके मिलने के लिए अल्मोड़ा चली गई। रामपुर सीमा पर पुलिस कर्मियों ने एक कार सवार व्यक्ति को रोका तो उसने अपनी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाई।
विज्ञापन
पूछताछ में उसने पुलिस कर्मियों को अपना नाम दिनेश चंद्र बताया। उसका कहना था कि वह दिल्ली में अपना कारोबार करते हैं। उनका बेटा नैनीताल के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहा है। कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ने पर उन्हें बेटे की चिंता सता रही थी।
मंगलवार को वह कार से नैनीताल में बेटे को लेने के लिए जा रहे हैं। इसी तरह दूसरी कार में सवार एक महिला ने उतरकर सीमा पर अपनी एंट्री कराई। महिला ने अपना नाम मानसी बताते हुए कहा कि वह कोरोना की दूसरी लहर के बाद मायके हरियाणा में चली गई थी। पति अल्मोड़ा में सरकारी नौकरी करते हैं। पति की चिंता सताने पर उन्होंने अपने परिजनों से वापस अल्मोड़ा में छोड़ने को कहा, ताकि वह अपने पति का ध्यान रख सके। हरियाणा से ही त्रिलोक सिंह एक रिश्तेदारी में शामिल होने के लिए अल्मोड़ा आ गए। गाजियाबाद में रहने वाली शांति बिष्ट भी कोरोना संक्रमण से बचने के लिए भवाली के लिए रवाना हुई। दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करने वाले रूपक कुमार कोरोना से काम बंद होने पर अपनी बाइक से ही चंपावत के लिए आए। सीमा पर सभी अपनी उपस्थिति लगाने के बाद रुद्रपुर होकर गए।
विज्ञापन
कुंभ से पुलिस कर्मियों के लौटने के बाद सीमाओं पर सख्ती पहले से अधिक बढ़ गई है। पीएसी के साथ ही कोतवाली पुलिस कर्मियों को रामपुर सीमा पर तैनात किया गया है। बुधवार को सीमा को पार कर रुद्रपुर आने वाले दोपहिया, चार पहिया समेत निजी व रोडवेज बसों को रोका गया। बाहरी राज्य से आने वाले लोगों को आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट होने के बाद रुद्रपुर आने की परमिशन दी गई। सीओ सिटी अमित कुमार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सीमा पर एसआई मनोज जोशी के नेतृत्व में टीम ने वाहनों की तलाशी और लोगों की कोरोना रिपोर्ट की जांच की। 150 वाहनों को जांच पड़ताल के बाद रुद्रपुर आने दिया गया।
विज्ञापन
दिनेश को बेटे तो मानसी को पति की चिंता खींच लाई पहाड़
रुद्रपुर। कोरोना कर्फ्यू लागू होने के बाद लोगों को अपने परिजनों की चिंता सताने लगी है। नैनीताल के प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहे बच्चे को लेने के लिए दिल्ली से दिनेश चंद्र नैनीताल गए तो हरियाणा से मानसी पति की चिंता होने पर उनके मिलने के लिए अल्मोड़ा चली गई। रामपुर सीमा पर पुलिस कर्मियों ने एक कार सवार व्यक्ति को रोका तो उसने अपनी आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाई।
विज्ञापन
पूछताछ में उसने पुलिस कर्मियों को अपना नाम दिनेश चंद्र बताया। उसका कहना था कि वह दिल्ली में अपना कारोबार करते हैं। उनका बेटा नैनीताल के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ रहा है। कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा बढ़ने पर उन्हें बेटे की चिंता सता रही थी।
मंगलवार को वह कार से नैनीताल में बेटे को लेने के लिए जा रहे हैं। इसी तरह दूसरी कार में सवार एक महिला ने उतरकर सीमा पर अपनी एंट्री कराई। महिला ने अपना नाम मानसी बताते हुए कहा कि वह कोरोना की दूसरी लहर के बाद मायके हरियाणा में चली गई थी। पति अल्मोड़ा में सरकारी नौकरी करते हैं। पति की चिंता सताने पर उन्होंने अपने परिजनों से वापस अल्मोड़ा में छोड़ने को कहा, ताकि वह अपने पति का ध्यान रख सके। हरियाणा से ही त्रिलोक सिंह एक रिश्तेदारी में शामिल होने के लिए अल्मोड़ा आ गए। गाजियाबाद में रहने वाली शांति बिष्ट भी कोरोना संक्रमण से बचने के लिए भवाली के लिए रवाना हुई। दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करने वाले रूपक कुमार कोरोना से काम बंद होने पर अपनी बाइक से ही चंपावत के लिए आए। सीमा पर सभी अपनी उपस्थिति लगाने के बाद रुद्रपुर होकर गए।