{"_id":"5ad790df4f1c1ba0098b5376","slug":"150-red-marks-placed-on-the-second-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन लगाए 150 लाल निशान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन लगाए 150 लाल निशान
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:11 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर में अतिक्रमण की नापजोख करती नगर निगम की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम और जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने बुधवार को सुबह करीब 10:30 बजे से दुर्गा मंदिर और मटके वाली गली में निशान लगाना शुरू किया। करीब पांच घंटे तक चले अभियान में 150 चिन्हित अतिक्रमणों पर लाल निशान लगाए गए। बता दें कि मंगलवार को दुर्गा मंदिर गली की एक साइड में ही निशान लगाए गए थे। यहां अतिक्रमणकारियों ने करीब 12 से 15 फीट सरकारी जमीन कब्जाई हुई है।
विज्ञापन
इधर, निशान लगाने के दौरान प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के बड़े अफसरों की गैर मौजूदगी ने सवाल भी खड़े किए। उप नगर आयुक्त डीके तिवारी ने कहा कि बृहस्पतिवार को भी अभियान जारी रहेगा। टीम में नगर निगम के अधिशासी अभियंता नगर निगम दिनेश शर्मा, कर निरीक्षक बीसी रेखाड़ी, जिला विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता आरबी लाल, मानचित्रकार राम सिंह, बरकत अली आदि थे। ब्यूरो
विज्ञापन
फुटपाथों को किराये पर चला रहे अतिक्रमणकारी
चंडीगढ़ की तर्ज पर बने रुद्रपुर शहर के फुटपाथों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। फुटपाथों पर राहगीरों के चलने के बजाय उनकी अतिक्रमणकारियों की दुकानें चल रही हैं। लोगों ने बताया कि कुछ अतिक्रमणकारियों ने अपनी दुकान के सामने ठेलों, चाय खोखों वालों को जगह दे रखी है और उनके किराया वसूला जाता है।
विज्ञापन
अतिक्रमण : व्यापारी कल से अनिश्चितकालीन बाजार बंद करेंगे
शहर में हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के खिलाफ हो रही कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार देर शाम मटके वाली गली में व्यापारियों ने आपस में वार्ता कर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए शुक्रवार से अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद रखने का निर्णय लिया। साथ ही तय किया गया कि बृहस्पतिवार को पांच मंदिर में भी बैठक कर व्यापारी आगे की रणनीति तैयार करेंगे। इस दौरान व्यापारी नेता हरीश अरोरा, संजय जुनेजा, हरविंदर सिंह, किशन नारंग, मीना शर्मा, विक्की, रजनीश बत्रा, सुनील ठुकराल, नरेंद्र अरोरा आदि व्यापारी मौजूद रहे।