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वनों को आग से बचाने के लिए करें पुख्ता इंतजाम
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:41 AM IST
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रुद्रपुर। वन अग्नि सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल ने संवेदनशील क्षेत्रों में वॉच टावर लगाने के साथ ही कार्मिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनों को आग से बचाने के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम नेे वन अग्नि रोकने के लिए जिले में गठित वनाग्नि सुरक्षा समितियों का सहयोग लेने और लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। कहा कि आग की रोकथाम के लिए फायर लाइन बढ़ाने, वन क्षेत्रों में बनी सड़क के किनारों की सफाई कराने के लिए विभाग फायर सीजन का इंतजार किए बिना अभी से ही कार्यवाही शुरु कर दे। उन्होंने लोनिवि और सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़कों के किनारे की झाड़ियों का कटान कराने और बहुउद्देशीय वॉच टावर लगाने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बैरियरों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निरंतर मॉनीटरिंग करें।
यदि किसी कैमरे में खराबी आती है तो इसकी सूचना प्राथमिकता के आधार पर दें। यदि चैकिंग में कोई कैमरा खराब पाया जाता है तो इसकी जवाबदेही संबंधित कर्मी की होगी। उसके खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जायेगी। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वन क्षेत्र से लगी ग्राम पंचायतों में गोष्ठियां आयोजित करने के साथ ही अग्नि सुरक्षा समितियों को सक्रिय करें।
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प्रभागीय वनाधिकारी कल्याणी ने बताया कि जिले में करीब 90176.94 हेक्टेयर क्षेत्रफल वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील है। वनाग्नि नियंत्रण के लिए जनपद में 59 क्रू-स्टेशन, 33 सीजनल क्रू-स्टेशन, छह वाच टावर स्थापित हैं। वहां एडीएम प्रताप सिंह शाह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा.अनिल शर्मा, एआरटीओ राम प्रकाश राठौर, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी एनएस कुंवर आदि थे।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम नेे वन अग्नि रोकने के लिए जिले में गठित वनाग्नि सुरक्षा समितियों का सहयोग लेने और लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। कहा कि आग की रोकथाम के लिए फायर लाइन बढ़ाने, वन क्षेत्रों में बनी सड़क के किनारों की सफाई कराने के लिए विभाग फायर सीजन का इंतजार किए बिना अभी से ही कार्यवाही शुरु कर दे। उन्होंने लोनिवि और सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़कों के किनारे की झाड़ियों का कटान कराने और बहुउद्देशीय वॉच टावर लगाने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बैरियरों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निरंतर मॉनीटरिंग करें।
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यदि किसी कैमरे में खराबी आती है तो इसकी सूचना प्राथमिकता के आधार पर दें। यदि चैकिंग में कोई कैमरा खराब पाया जाता है तो इसकी जवाबदेही संबंधित कर्मी की होगी। उसके खिलाफ तत्काल कार्यवाही की जायेगी। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि वन क्षेत्र से लगी ग्राम पंचायतों में गोष्ठियां आयोजित करने के साथ ही अग्नि सुरक्षा समितियों को सक्रिय करें।
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प्रभागीय वनाधिकारी कल्याणी ने बताया कि जिले में करीब 90176.94 हेक्टेयर क्षेत्रफल वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील है। वनाग्नि नियंत्रण के लिए जनपद में 59 क्रू-स्टेशन, 33 सीजनल क्रू-स्टेशन, छह वाच टावर स्थापित हैं। वहां एडीएम प्रताप सिंह शाह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा.अनिल शर्मा, एआरटीओ राम प्रकाश राठौर, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी एनएस कुंवर आदि थे।