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राजस्व मानचित्र से हुई लक्ष्मीपुर माइनर पर कथित अतिक्रमण की पैमाईश
Updated Fri, 02 Feb 2018 12:53 AM IST
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काशीपुर। शहर के बीचों बीच से गुजरने वाली लक्ष्मीपुर माइनर पर कथित रूप से किए गए अतिक्रमण के मामलों में विहित प्राधिकारी के आदेश पर गठित टीम ने बृहस्पतिवार को मौके पर जाकर राजस्व मानचित्र के मुताबिक पैमाइश की। टीम अपनी रिपोर्ट पांच फरवरी को अदालत में प्रस्तुत करेगी।
मोहल्ला गंज निवासी समाजसेवी अनिल माहेश्वरी ने वर्ष 2012 में नैनीताल हाइकोर्ट में लक्ष्मीपुर माइनर पर कुछ भवन स्वामियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाए जाने की अपील की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने 17 दिसंबर 2012 को अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की थी। टीम ने 160 अतिक्रमण चिन्हित किए थे। इनमें से 118 ने अपने अतिक्रमण स्वयं हटा लिए थे। अदालत ने 42 कथित अतिक्रमण के मामलों में एसडीएम काशीपुर को सुनवाई करने के आदेश दिए थे।
16 फरवरी 2016 को एसडीएम ने सुनवाई पूरी कर शेष अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश दिए, जिस पर मामला फिर हाइकोर्ट पहुंच गया। हाइकोर्ट ने इसी माह विहित प्राधिकारी काशीपुर को सुनवाई का आदेश दिया। नगर निगम के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई के बाद विहित प्राधिकारी (एसडीएम) ने राजस्व मानचित्र के आधार पर पैमाइश के लिए टीम गठित की है।
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बृहस्पतिवार को तहसीलदार संजय कुमार, चकबंदी सीओ संजय आर्य, नगर निगम के सहायक अभियंता हरीश चंद्र, जेई आईएस रौतेला, लोनिवि के एई शंकर सिंह, सिंचाई विभाग के एई विजेंद्र कुमार, जिलेदार चंद्र शेखर आदि ने जिला अभिलेखागार के नक्शे के आधार पर मौके की पैमाइश की। इस दौरान टीम ने फीता लगाकर सभी 25 कथित अतिक्रमणों की पैमाईश की। टीम अपनी संयुक्त रिपोर्ट पांच फरवरी को सौंपेगी। इधर, पैमाइश में मदद कर रहा मोहल्ला गंज निवासी नीरज पुत्र नन्हे संतुलन बिगड़ने से गूल में गिरकर मामूली रूप से चोटिल हो गया।
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मोहल्ला गंज निवासी समाजसेवी अनिल माहेश्वरी ने वर्ष 2012 में नैनीताल हाइकोर्ट में लक्ष्मीपुर माइनर पर कुछ भवन स्वामियों द्वारा किए गए अतिक्रमण हटाए जाने की अपील की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने 17 दिसंबर 2012 को अतिक्रमण चिन्हित करने के लिए नगर निगम, सिंचाई विभाग व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की थी। टीम ने 160 अतिक्रमण चिन्हित किए थे। इनमें से 118 ने अपने अतिक्रमण स्वयं हटा लिए थे। अदालत ने 42 कथित अतिक्रमण के मामलों में एसडीएम काशीपुर को सुनवाई करने के आदेश दिए थे।
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16 फरवरी 2016 को एसडीएम ने सुनवाई पूरी कर शेष अतिक्रमण ध्वस्त करने के आदेश दिए, जिस पर मामला फिर हाइकोर्ट पहुंच गया। हाइकोर्ट ने इसी माह विहित प्राधिकारी काशीपुर को सुनवाई का आदेश दिया। नगर निगम के अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने बताया कि सुनवाई के बाद विहित प्राधिकारी (एसडीएम) ने राजस्व मानचित्र के आधार पर पैमाइश के लिए टीम गठित की है।
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बृहस्पतिवार को तहसीलदार संजय कुमार, चकबंदी सीओ संजय आर्य, नगर निगम के सहायक अभियंता हरीश चंद्र, जेई आईएस रौतेला, लोनिवि के एई शंकर सिंह, सिंचाई विभाग के एई विजेंद्र कुमार, जिलेदार चंद्र शेखर आदि ने जिला अभिलेखागार के नक्शे के आधार पर मौके की पैमाइश की। इस दौरान टीम ने फीता लगाकर सभी 25 कथित अतिक्रमणों की पैमाईश की। टीम अपनी संयुक्त रिपोर्ट पांच फरवरी को सौंपेगी। इधर, पैमाइश में मदद कर रहा मोहल्ला गंज निवासी नीरज पुत्र नन्हे संतुलन बिगड़ने से गूल में गिरकर मामूली रूप से चोटिल हो गया।