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सिर्फ कानून बनाकर ही सुरक्षित नहीं महिलाए
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Mon, 06 Mar 2017 09:54 PM IST
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पहल पर सोमवार को महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि केवल कानून बनाकर ही महिलाओं की सुरक्षा नहीं की जा सकती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य का संस्कारवाना होना जरूरी है।
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आरएसएस के माधव कुंज भवन में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सुषमा उनियाल की अध्यक्षता में महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने बेटा-बेटी में असमानता पर चिंता जताते हुए कहा भ्रूण परीक्षण पर पूरी तरह पाबंदी लगनी चाहिए। बेटा-बेटी को समाज में बराबरी का दर्जा केवल नारे लगाने और भाषण देने से नहीं मिलता है।
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कुसुमलता भट्ट ने कहा कि मां परिवार की पहली पाठशाला होती है। मां से मिले संस्कार और गुणों के आधार पर ही संपूर्ण समाज को संस्कारवान बनाया जा सकता है। रजनी पैन्यूूली ने कहा कि महिलाओं को केवल कानून बनाकर सुरक्षित नहीं किया जा सकता है। अधिवक्ता महालक्ष्मी डंगवाल ने कहा कि बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नारों से ही महिलाओं की सुरक्षा नहीं हो सकती है।
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सम्मेलन में आरएसएस के विभाग प्रचारक नरेंद्र, बौद्धिक प्रमुख विद्यादत्त तिवाड़ी, देवी प्रसाद नौटियाल, अनीता कंडियाल, उर्मिला महर आदि उपस्थित रहे।