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ग्रामीणों का नई सरकार से उम्मीद
ब्यूरो/ अमर उजाला, कंडीसौड़ (टिहरी)
Updated Sun, 19 Mar 2017 09:10 PM IST
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टिहरी झील की सरहदों के आरपार बसे गुसाईं पट्टी और बिचलीगमरी पट्टी के लोगों को नई सरकार से पुल निर्माण की उम्मीद जगी है। विधानसभा चुनाव में स्थानीय लोगों ने सभी दलों के प्रत्याशियों के सामने छामतलसौड़ नामे तोक में झील के उस पार जाने के लिए पुल निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई थी। अब डबल इंजन की नई सरकार स्थानीय निवासियों की जन भावनाओं का सम्मान कैसे करती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।
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वर्ष 2006 में छामतलसौड़ में बना पुल टिहरी झील में समा गया था। तब से जिले के बिचलीगमरी पट्टी के दर्जनों गांवों और टिहरी के गुसाईं पट्टी के गांवों के बीच दूरियां बढ़ गई है। झील से आरपार जाने के लिए एक मात्र साधन बोट (नाव) है। गुसाईं पट्टी के धरवाल गांव, सुनारगांव, कंडीसौड़, जसपुर, पदोगी, रमोलसारी, धरोगी, कौशल और इडियान तथा बिचलीगमरी के बल्डोगी, खालसी, मणि, बरोल, वनकोट, क्यारी, सर्फ आदि दर्जनों गांवों के लोगों को नाते रिश्तेदारों के सुख-दु:ख में शामिल होने के लिए बोट की सेवा पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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झील तक पहुंचने के लिए रास्तों का अभाव बना हुआ है। समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोग वर्षों से छामतलसौड़ में झूला पुल या रोपवे बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक की सरकारों ने जनता की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। इस बार विधानसभा चुनाव में स्थानीय स्तर पर छामतलसौड़ में पुल निर्माण करना मुख्य मुद्दा रहा है।
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लाखीराम उनियाल, पूलम सिंह गुसाईं, शैलेंद्र प्रसाद भट्ट, मायाराम लसियाल, जोत सिंह चौहान व उम्मेद सिंह बिष्ट का कहना है कि प्रदेश में डबल इंजन की नई सरकार का गठन हो चुका है। विधायक प्रीतम पंवार का कहना है कि वह पुल निर्माण के लिए शासन स्तर पर मजबूती से पैरवी करेंगे।