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नए कॉलेजों को संबद्धता देने से विवि ने किए हाथ खड़े
अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Sun, 24 Apr 2016 07:13 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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श्रीदेव सुमन विवि ने इस सत्र में नए कॉलेजों को संबद्धता देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। विवि से अब तक 118 कॉलेज संबद्ध हैं और 14 नए कॉलेज मान्यता लेने की लाइन में खड़े हैं। नए कॉलेजों को संबद्धता के लिए विवि के पास कर्मचारियों और विशेषज्ञों का बड़ा अभाव बना हुआ है। यदि 26 अप्रैल को गढ़वाल विवि से संबद्ध 57 राजकीय महाविद्यालय डिएफिलेट होकर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हो जाते हैं, तो विवि के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है।
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श्रीदेव सुमन विवि से वर्तमान में 29 स्ववित्त पोषित बीएड कॉलेज, 25 राजकीय महाविद्यालय और 64 प्राइवेट कॉलेज संबद्ध हैं। इन 118 कॉलेजों में लगभग 80 हजार छात्र-छात्राएं अलग-अलग पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की अलग-अलग सेमेस्टर परीक्षाएं आयोजित कर उनका परिणाम समय पर घोषित करना विवि के लिए सबसे बड़ी मुश्किल है। क्योंकि विवि के पास शिक्षकों के नाम पर एक भी फैकल्टी नहीं है।
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किसी तरह विवि छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन करवा पाता है। संबद्धता के लिए प्राइवेट कॉलेजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए विवि ने इस सत्र में नए कॉलेजों को संबद्धता देने से इनकार कर दिया। विवि का इनकार करने का प्रमुख कारण गढ़वाल विवि से डिएफिलेट होने वाले 57 राजकीय महाविद्यालयों को माना जा रहा है। 26 अप्रैल को राजभवन में कुलाधिपति केके पॉल की अध्यक्षता में कुलपतियों की बैठक होनी है। बैठक में इस बात पर महत्वपूर्ण निर्णय होना है कि गढ़वाल विवि से राजकीय महाविद्यालय डिएफिलेट कर उन्हें श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध होना है।
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नए कॉलेजों को संबद्धता देने से विवि ने इनकार नहीं किया है। जिन कॉलेजों ने 30 मार्च की निर्धारित तिथि तक आवेदन नहीं किया उनके आवेदन पर विचार नहीं किया गया। 26 अप्रैल को यदि गढ़वाल विवि से संबद्ध राजकीय महाविद्यालय डिएफिलेट होकर श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध हो जाते हैं, तो कोई परेशानी आड़े नहीं आएगी।
-डा. यूएस रावत, कुलपति श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल