{"_id":"5e42dad68ebc3ee5cf02fbcd","slug":"undergraduate-first-year-students-will-get-new-syllabus-new-tehri-news-drn335805292","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को मिलेगा नया पाठ्यक्रम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को मिलेगा नया पाठ्यक्रम
विज्ञापन
श्रीदेव सुमन विवि से संबद्ध महाविद्यालयों के स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को जल्द ही वार्षिक परीक्षा प्रणाली का पाठ्यक्रम मिल जाएगा। विवि ने ऋषिकेश परिसर के शिक्षकों को नया वार्षिक पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। पिछले माह आधे सत्र के बीच में ही सरकार ने सेमेस्टर के स्थान पर वार्षिक परीक्षा प्रणाली के आधार पर परीक्षाएं कराने के आदेश जारी किए थे, जिससे विवि ने छात्रों की सुविधा को देखते हुए पिछले छह माह की पढ़ाई की अध्ययन सामग्री को मिलाकर नया पाठ्यक्रम बनाने का फैसला लिया है।
श्रीदेव सुमन विवि में अभी तक सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली लागू थी, जिससे सत्र 2019-20 के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने सेमेस्टर के आधार पर पढ़ाई शुरू की। पिछले माह सरकार ने सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर परीक्षाएं कराने के आदेश जारी किए थे। ऐसे में आधे सत्र के बीच में परीक्षा प्रणाली में बदलाव किए जाने से कम समय में वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार कर परीक्षाएं कराना विवि के लिए चुनौती बनी हुई है। वार्षिक परीक्षा प्रणाली का सिलेबस तैयार करने के लिए विवि ने ऋषिकेश परिसर को जिम्मेदारी सौंपी है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चौहान ने बताया कि ऋषिकेश परिसर के कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के सीनियर फैकल्टी को वैकल्पिक तौर पर डीन नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि आधे सत्र में पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते छात्रों को प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई का लाभ वार्षिक परीक्षा में भी मिल सकेगा। विवि सेमेस्टर पाठ्यक्रम को मिलाकर नया कोर्स बना रहा है, जिससे छात्रों का साल खराब न हो सके। कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने बताया कि वार्षिक पैटर्न पर आधारित नया सिलेबस को तेजी से तैयार किया जा रहा है। छात्रों की सेमेस्टर की पढ़ाई को देखते हुए सेमेस्टर पाठ्यक्रम को भी वार्षिक परीक्षा पाठ्यक्रम में मिलाकर नया सिलेबस तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन
श्रीदेव सुमन विवि में अभी तक सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली लागू थी, जिससे सत्र 2019-20 के प्रथम सेमेस्टर के छात्रों ने सेमेस्टर के आधार पर पढ़ाई शुरू की। पिछले माह सरकार ने सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर परीक्षाएं कराने के आदेश जारी किए थे। ऐसे में आधे सत्र के बीच में परीक्षा प्रणाली में बदलाव किए जाने से कम समय में वार्षिक परीक्षा प्रणाली पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार कर परीक्षाएं कराना विवि के लिए चुनौती बनी हुई है। वार्षिक परीक्षा प्रणाली का सिलेबस तैयार करने के लिए विवि ने ऋषिकेश परिसर को जिम्मेदारी सौंपी है। विवि के परीक्षा नियंत्रक डा. आरएस चौहान ने बताया कि ऋषिकेश परिसर के कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के सीनियर फैकल्टी को वैकल्पिक तौर पर डीन नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि आधे सत्र में पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते छात्रों को प्रथम सेमेस्टर की पढ़ाई का लाभ वार्षिक परीक्षा में भी मिल सकेगा। विवि सेमेस्टर पाठ्यक्रम को मिलाकर नया कोर्स बना रहा है, जिससे छात्रों का साल खराब न हो सके। कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने बताया कि वार्षिक पैटर्न पर आधारित नया सिलेबस को तेजी से तैयार किया जा रहा है। छात्रों की सेमेस्टर की पढ़ाई को देखते हुए सेमेस्टर पाठ्यक्रम को भी वार्षिक परीक्षा पाठ्यक्रम में मिलाकर नया सिलेबस तैयार किया जा रहा है।
विज्ञापन