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परिवहन निगम के बस चालक को दो साल की सजा
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने लापरवाही और तेज रफ्तार से ड्राइविंग करने के मामले में उत्तराखंड परिवहन निगम के बस चालक को दो वर्ष के कारावास और 21 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
घटना सवा चार वर्ष पूर्व की है। बौराड़ी, नई टिहरी निवासी चंदन सिंह खरोला ने चंबा थाने में दी गई तहरीर में बताया था कि उनका पुत्र दिनेश खरोला 23 अप्रैल 2015 को अपनी स्कूटी से ऋषिकेश से नई टिहरी आ रहा था, तभी नई टिहरी से दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम के बस चालक हरीश त्यागी पुत्र अनूप त्यागी निवासी ग्राम बरला, थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर ने लापरवाही और तेज रफ्तार से बस चलाते हुए चोपड़ियाल गांव के पास स्कूटी सवार उनके पुत्र को टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दिनेश ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता स्वराज्य सिंह पंवार ने कई गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चालक को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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घटना सवा चार वर्ष पूर्व की है। बौराड़ी, नई टिहरी निवासी चंदन सिंह खरोला ने चंबा थाने में दी गई तहरीर में बताया था कि उनका पुत्र दिनेश खरोला 23 अप्रैल 2015 को अपनी स्कूटी से ऋषिकेश से नई टिहरी आ रहा था, तभी नई टिहरी से दिल्ली जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम के बस चालक हरीश त्यागी पुत्र अनूप त्यागी निवासी ग्राम बरला, थाना छपार जिला मुजफ्फरनगर ने लापरवाही और तेज रफ्तार से बस चलाते हुए चोपड़ियाल गांव के पास स्कूटी सवार उनके पुत्र को टक्कर मार दी। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दिनेश ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता स्वराज्य सिंह पंवार ने कई गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चालक को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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