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किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर
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वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के नये प्रयोगों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि, वानिकी, बागवानी और पशुपालन के क्षेत्र में मिलकर काम कर किसानों को लाभ पहुंचाएं। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी में आयोजित सलाहकार समिति की बैठक का विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार कर्नाटक ने शुभारंभ करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में निदेशक प्रसार प्रो. सी तिवारी ने प्रगतिशील किसानों और कुलपति का स्वागत कर अनुभव साझा किए। प्रभारी अधिकारी केवीके डा. आलोक येवले ने केंद्र की प्रगति, 2020-21 में हुए कार्य और 2021-22 की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण दिया। निदेशक शोध डॉ. अमोल वशिष्ठ ने पुष्प, औषधीय एवं सगंध पौधों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के सुझाव दिए। वानिकी परिसर के अधिष्ठाता प्रो. वीपी खंडूड़ी ने महाविद्यालय में हो रहे कृषि के नवीनतम कार्यों की जानकारी दी। सह निदेशक प्रसार डा. अरविंद बिजल्वाण, जिला परियोजना प्रबंधक आईएलएसपी डॉ. एचबी पंत, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनिश्वर शुक्ला ने नाबार्ड पोषित कार्यक्रमों, डॉ. अजय कुमार, डॉ. लक्ष्मी रावत ने जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक मंगलानंद डबराल ने कीवी, सेब की कटाई-छटाई, ग्राफ्टिंग, मंगत सिंह नेगी ने मशरूम और मधुमक्खी पालन के लाभ गिनाए। इस मौके पर वैज्ञानिक शिखा, कीर्ति कुमारी, मुकेश कोठारी, विनोद चंद रमेाला, संदीप मखलोगा, लक्ष्मी बहुगुणा, उदय सिंह तड़ियाल, खुशीराम डबराल, कुलदीप गुसाईं आदि मौजूद थे।
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कार्यक्रम में निदेशक प्रसार प्रो. सी तिवारी ने प्रगतिशील किसानों और कुलपति का स्वागत कर अनुभव साझा किए। प्रभारी अधिकारी केवीके डा. आलोक येवले ने केंद्र की प्रगति, 2020-21 में हुए कार्य और 2021-22 की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण दिया। निदेशक शोध डॉ. अमोल वशिष्ठ ने पुष्प, औषधीय एवं सगंध पौधों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के सुझाव दिए। वानिकी परिसर के अधिष्ठाता प्रो. वीपी खंडूड़ी ने महाविद्यालय में हो रहे कृषि के नवीनतम कार्यों की जानकारी दी। सह निदेशक प्रसार डा. अरविंद बिजल्वाण, जिला परियोजना प्रबंधक आईएलएसपी डॉ. एचबी पंत, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अनिश्वर शुक्ला ने नाबार्ड पोषित कार्यक्रमों, डॉ. अजय कुमार, डॉ. लक्ष्मी रावत ने जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक मंगलानंद डबराल ने कीवी, सेब की कटाई-छटाई, ग्राफ्टिंग, मंगत सिंह नेगी ने मशरूम और मधुमक्खी पालन के लाभ गिनाए। इस मौके पर वैज्ञानिक शिखा, कीर्ति कुमारी, मुकेश कोठारी, विनोद चंद रमेाला, संदीप मखलोगा, लक्ष्मी बहुगुणा, उदय सिंह तड़ियाल, खुशीराम डबराल, कुलदीप गुसाईं आदि मौजूद थे।
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