{"_id":"6197ab1761e68c5f1438d1d8","slug":"traveling-on-chopdiyalgaon-saur-route-became-risky-new-tehri-news-drn3965006159","type":"story","status":"publish","title_hn":"चोपडियालगांव-सौड़ मार्ग पर सफर करना हुआ जोखिमभरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चोपडियालगांव-सौड़ मार्ग पर सफर करना हुआ जोखिमभरा
विज्ञापन
चंबा के चोपड़ियालगांव-सौड़ मोटर मार्ग बना बदाहल।
- फोटो : NEW TEHRI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा ब्लॉक के चोपड़ियालगांव-सौड़ मोटर मार्ग का डामर उखड़ने, सुरक्षा दीवार टूटने के कारण ग्रामीण जानजोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर है। 12 किमी लंबे मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। मार्ग का डामरीकरण नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2016-17 में चोपड़ियालगांव-सौड़ 12 किमी मोटर मार्ग का करीब छह करोड़ की लागत से डामरीकरण हुआ था, लेकिन कार्य की घटिया गुणवत्ता के कारण दो-तीन साल में ही डामर उखड़ने लगा था। वर्तमान में मार्ग का डामर पूरी तरह उखड़ गया है। ग्रामीण भगवान चंद रमोला, मनमोहन, सीमा, विनोद आदि का कहना है कि मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहा है। मार्ग पर दुपहिया वाहन रपट रहे हैं। बावजूद पीएमजीएसवाई और शासन मोटर मार्ग की मरम्मत नहीं कर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
पीएमजीएसवाई का पांच साल का मरम्मत समय पूरा हो गया है। मार्ग को लोनिवि चंबा को हस्तांतरण को तीन बार पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही मार्ग के डामरीकरण को करीब पौने दो करोड़ का प्रस्ताव यूआरडीए को भेजा गया है। जिसे अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
विज्ञापन
-आरपी पंत, ईई, पीएमजीएसवाई द्वितीय नई टिहरी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2016-17 में चोपड़ियालगांव-सौड़ 12 किमी मोटर मार्ग का करीब छह करोड़ की लागत से डामरीकरण हुआ था, लेकिन कार्य की घटिया गुणवत्ता के कारण दो-तीन साल में ही डामर उखड़ने लगा था। वर्तमान में मार्ग का डामर पूरी तरह उखड़ गया है। ग्रामीण भगवान चंद रमोला, मनमोहन, सीमा, विनोद आदि का कहना है कि मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहा है। मार्ग पर दुपहिया वाहन रपट रहे हैं। बावजूद पीएमजीएसवाई और शासन मोटर मार्ग की मरम्मत नहीं कर किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
पीएमजीएसवाई का पांच साल का मरम्मत समय पूरा हो गया है। मार्ग को लोनिवि चंबा को हस्तांतरण को तीन बार पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही मार्ग के डामरीकरण को करीब पौने दो करोड़ का प्रस्ताव यूआरडीए को भेजा गया है। जिसे अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
विज्ञापन
-आरपी पंत, ईई, पीएमजीएसवाई द्वितीय नई टिहरी।