{"_id":"572a1d7c4f1c1b61145cd151","slug":"three-stranded-in-malaysia-tehri-rudraprayag-a-youth","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलयेशिया में फंसे टिहरी के तीन, रुद्रप्रयाग का एक युवक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलयेशिया में फंसे टिहरी के तीन, रुद्रप्रयाग का एक युवक
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Wed, 04 May 2016 09:34 PM IST
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विदेश जाकर सुनहरे भविष्य का सपना पाले युवाओं को एक बार फिर भारी पड़ गया है। दो साल पहले मलयेशिया होटल में नौकरी करने गए युवाओं को मालिक ने उनका पासपोर्ट जब्त कर सात माह का वेतन भी नहीं दिया है। मालिक की चंगुल से भागकर उन्होंने वहां भारतीय दूतावास में शरण ली है, लेकिन दूतावास से उन्हें कोई सहयोग नही मिल पा रहा है। जिससे युवक घर भी नहीं आ पा रहे हैं।
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मलयेशिया फंसे नत्थी सिंह पुत्र शेर सिंह ग्राम स्यालकुंड पोस्ट मगरौं, उत्तम सिंह ग्राम व पोस्ट गडोलिया जाखणीधार, उमराव सिंह पुत्र सुर्जन सिंह ग्राम खलियान-बांगर जखोली ब्लॉक और विश्वनाथ प्रताप पुत्र नैन सिंह ग्राम स्यालसी पोस्ट भवान जौनपुर ने फोन पर बताया कि वह एक एजेंट के माध्यम से मलयेशिया के ओरिजिनल पेनाग कायुनाशी नाम के होटल में नौकरी करने गए थे।
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उन्होंने बताया कि वहां जाते ही मालिक ने पासपोर्ट जब्त कर अपने पास रख लिए थे, लेकिन वह पिछले सात माह से वेतन नहीं दे रहा है। आठ-दस दिन पहले होटल मालिक की चंगुल से निकलकर युवक किसी तरह भारतीय दूतावास पहुंचे। लेकिन दूतावास की ओर से भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
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डोबरा-चांठी पुल बनाओ संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि मलयेशिया में फंसे युवाओं ने दूरभाष पर अपनी व्यथा सुनाई है। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तराखंड के राज्यपाल केके पाल को पत्र भेजकर मलयेशिया में फंसे युवाओं को स्वदेश पहुंचाने में मदद करने की मांग की है। वहीं एसपी बीजे सिंह का कहना है कि परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा जाएगा। युवकों की हर संभव मदद की जाएगी।