फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   There are 27 villages in the path of

27 गांवों की राह हुई आसान

Fri, 09 Sep 2016 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी Updated Fri, 09 Sep 2016 10:10 PM IST
विज्ञापन
There are 27 villages in the path of
Bridge - फोटो : amarujala

टिहरी झील बनने के बाद दस साल से 35 से 40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे ढुंगमंदार क्षेत्र के 27 गांवों के लोगों की राह अब आसान होगी। करीब तीन साल से बन रहे घोंटी मोटर पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। पुल की फाइनल टेस्टिंग सफल रहने से 12 सितंबर से पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन


ढुंगमंदार पट्टी को जोड़ने वाला पुल वर्ष 2006 में टिहरी बांध की झील में समा गया था। इससे क्षेत्र की करीब 40 हजार की आबादी मुश्किल में आ गई। सभी ग्रामीण जिला मुख्यालय, श्रीनगर, ऋषिकेश समेत अन्य स्थानों पर जाने के लिए घनसाली होते हुए 35 से 40 किमी की अतिरिक्त सफर तय करने को मजबूर थे।
विज्ञापन


सरकार ने बांध प्रभावितों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2013 में करीब 25 करोड़ की लागत से भिलंगना नदी पर 219 मीटर लंबा मोटर पुल स्वीकृत किया था। कैलाश हिलवेज कंपनी ने 17 सितंबर 2013 को पुल का निर्माण कार्य शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुबंध के मुताबिक कंपनी को डेढ़ साल के अंदर पुल का निर्माण पूरा करके देना था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते पुल का काम समय पर पूरा नहीं हो पाया और पुल की लागत 30 करोड़ 83 लाख तक पहुंच गई। पुनर्वास निदेशालय और कार्यदायी कंपनी के अधिकारियों ने आठ और नौ सितंबर को पुल पर एक साथ चार-पांच वाहनों को दौड़ाकर इसकी टेस्टिंग की है। अब 12 सितंबर को मुख्यमंत्री के हाथों पुल का लोकार्पण किया जाएगा।

इन गांव को मिलेगी सुविधा
पिपोला, सैण, लासी, सारपुल, थात, नववां, मुशांकरी, चौंदाणा, घोंटी, कंडोगी, सुनैल्डी, गहड़, मोल्ठा, चुरेड़ा, सेम्या, ढुंग, बड़ोनगांव, कुमारगांव, सेमा, भटवाड़ा, मंदार,म्यूड़ी, कस्तल, सैंज, पिलखी, गौजियाण आदि गांवों को सुविधा मिल सकेगी।


पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। टेस्टिंग भी सफल रही है। अब 12 सितंबर से पुल पर वाहनों का आवागमन नियमित रूप से शुरू हो जाएगा। सड़क के डामरीकरण के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट मिलते ही डामरीकरण करवाया जाएगा।
-गणेश भट्ट, सहायक अभियंता, पुनर्वास निदेशालय।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed