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बारिश होने से टिहरी झील का बढ़ने लगा जलस्तर
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बारिश होने से टिहरी झील का जलस्तर भी लगातार बढ़ने लगा है। टिहरी बांध की झील में प्रत्येक दिन करीब दो मीटर की वृद्धि हो रही है। पिछले छह दिन में जलस्तर आरएल (रीवर लेबल) 744 मीटर से बढ़कर आरएल 754.90 मीटर तक पहुंच गया है। बांध से 173 क्यूमेक्स पानी नदी की ओर से छोड़ा जा रहा है। पानी बढ़ने से विद्युत उत्पादन भी पांच मिलियन से बढ़कर सात मिलियन यूनिट पहुंच गया है।
पहाड़ों में बारिश कम होने से 20 जून तक बांध का जलस्तर सबसे निचले स्तर आरएल 740 मीटर के करीब पहुंच गया था, लेकिन मानसून सीजन शुरू होने से हो रही बारिश के कारण जलस्तर में भी धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी है। 30 जून शाम तक जलस्तर आरएल 743 मीटर था, लेकिन अब बारिश से झील का जलस्तर छह दिन में 11 मीटर बढ़ गया है।
बुधवार शाम तक जलस्तर आरएल 754.90 मीटर पहुंच गया है। झील में कुल 653 क्यूमेक्स पानी आ रहा है, जिसमें 416.71 क्यूमेक्स भागीरथी, 85.74 क्यूमेक्स भिलंगना और 150.74 क्यूमेक्स सहायक नदियों से शामिल है। सरकार ने टीएचडीसी को अधिकतम जलभराव के लिए आरएल 830 मीटर की अनुमति दी हुई है। टीएचडीसी अगस्त-सितंबर तक जलभराव का लक्ष्य पूरा करता है, जिससे टिहरी और कोटेश्वर बांध परियोजना से अधिक तक 20 से 25 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होता है।
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झील का जलस्तर बढ़ने लगा है। टिहरी बांध से इन दिनों सात मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। जलस्तर अधिकतम आरएल 830 मीटर पहुंचने के बाद बांध अपनी क्षमता के अनुरूप विद्युत उत्पादन करता है।
-यूके सक्सेना, अधिशासी निदेशक, टीएचडीसी टिहरी।
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पहाड़ों में बारिश कम होने से 20 जून तक बांध का जलस्तर सबसे निचले स्तर आरएल 740 मीटर के करीब पहुंच गया था, लेकिन मानसून सीजन शुरू होने से हो रही बारिश के कारण जलस्तर में भी धीरे-धीरे वृद्धि होने लगी है। 30 जून शाम तक जलस्तर आरएल 743 मीटर था, लेकिन अब बारिश से झील का जलस्तर छह दिन में 11 मीटर बढ़ गया है।
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बुधवार शाम तक जलस्तर आरएल 754.90 मीटर पहुंच गया है। झील में कुल 653 क्यूमेक्स पानी आ रहा है, जिसमें 416.71 क्यूमेक्स भागीरथी, 85.74 क्यूमेक्स भिलंगना और 150.74 क्यूमेक्स सहायक नदियों से शामिल है। सरकार ने टीएचडीसी को अधिकतम जलभराव के लिए आरएल 830 मीटर की अनुमति दी हुई है। टीएचडीसी अगस्त-सितंबर तक जलभराव का लक्ष्य पूरा करता है, जिससे टिहरी और कोटेश्वर बांध परियोजना से अधिक तक 20 से 25 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन होता है।
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झील का जलस्तर बढ़ने लगा है। टिहरी बांध से इन दिनों सात मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। जलस्तर अधिकतम आरएल 830 मीटर पहुंचने के बाद बांध अपनी क्षमता के अनुरूप विद्युत उत्पादन करता है।
-यूके सक्सेना, अधिशासी निदेशक, टीएचडीसी टिहरी।