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Tehri News: घोषणाओं के जाल में फंसा 50 हजार की आबादी का स्वास्थ्य
Mon, 22 Dec 2025 07:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 22 Dec 2025 07:00 PM IST
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दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे का केंद्र बिंदु नैनबाग में सुविधाओं का अभाव, रेफर सेंटर बना अस्पताल
नैनबाग (टिहरी)। नैनबाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण न होने से क्षेत्र के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के जुड़े होने के कारण नैनबाग में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किए जाने की जरूरत है।
नैनबाग पीएससी को लंबे समय उच्चीकरण कर उप जिला चिकित्सालय बनाने की क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं। नैनबाग शरदोत्सव समिति के सचिव प्रदीप कवि, पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत का कहना कि नैनबाग टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून जिले का केंद्र बिंदु है। साथ ही नैनबाग से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे भी गुजरता है।
वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। वाहन दुर्घटना का डर भी बना रहता है। दुर्घटना के दौरान घायल होने वाले लोगों को पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा घायलों को मसूरी और देहरादून रेफर किया जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की 1974 में स्थापना हुई थी।
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स्थानीय लोगों के संघर्ष के बाद 1997 में अस्पताल को अपना भवन मिल पाया। पीएचसी पर क्षेत्र के 76 गांवों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी निर्भर है। इसके अलावा नैनबाग से लगे उत्तरकाशी और देहरादून जिले की जनता भी छोटे-मोटे उपचार के लिए पीएचसी पहुंची है। पूर्व के वर्षों में नैनबाग शरदोत्सव आए पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी, 2022 में सीएम पुष्कर धामी, 2023 में स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ धन सिंह रावत सहित कई पूर्व मंत्री पीएचसी के उच्चीकरण की घोषणा कर चुके हैं लेकिन पीएचसी का उच्चीकरण नहीं हो पाया। स्वास्थ्य केंद्र पर समुचित उपचार की व्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी क्षेत्र के गरीब जनता को उठानी पड़ती है, उन्हें उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर देहरादून और मसूरी का जाना पड़ता है।
नैनबाग पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव महानिदेशक स्वास्थ्य को भेजा गया है। नैनबाग क्षेत्र से चारधाम यात्रा मार्ग से भी जुड़ा है। भोगोलिक स्थिति के आधार पर पीएचसी का उच्चीकरण जरूरी है। स्वीकृत मिलने के बाद केंद्र के उच्चीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
डॉ़ श्याम विजय, सीएमओ टिहरी।
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नैनबाग (टिहरी)। नैनबाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उच्चीकरण न होने से क्षेत्र के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के जुड़े होने के कारण नैनबाग में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किए जाने की जरूरत है।
नैनबाग पीएससी को लंबे समय उच्चीकरण कर उप जिला चिकित्सालय बनाने की क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं। नैनबाग शरदोत्सव समिति के सचिव प्रदीप कवि, पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत का कहना कि नैनबाग टिहरी, उत्तरकाशी और देहरादून जिले का केंद्र बिंदु है। साथ ही नैनबाग से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे भी गुजरता है।
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वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। वाहन दुर्घटना का डर भी बना रहता है। दुर्घटना के दौरान घायल होने वाले लोगों को पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा घायलों को मसूरी और देहरादून रेफर किया जाता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की 1974 में स्थापना हुई थी।
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स्थानीय लोगों के संघर्ष के बाद 1997 में अस्पताल को अपना भवन मिल पाया। पीएचसी पर क्षेत्र के 76 गांवों की करीब 50 हजार से अधिक आबादी निर्भर है। इसके अलावा नैनबाग से लगे उत्तरकाशी और देहरादून जिले की जनता भी छोटे-मोटे उपचार के लिए पीएचसी पहुंची है। पूर्व के वर्षों में नैनबाग शरदोत्सव आए पूर्व सीएम भुवन चंद्र खंडूड़ी, 2022 में सीएम पुष्कर धामी, 2023 में स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ धन सिंह रावत सहित कई पूर्व मंत्री पीएचसी के उच्चीकरण की घोषणा कर चुके हैं लेकिन पीएचसी का उच्चीकरण नहीं हो पाया। स्वास्थ्य केंद्र पर समुचित उपचार की व्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी क्षेत्र के गरीब जनता को उठानी पड़ती है, उन्हें उपचार के लिए कई किलोमीटर दूर देहरादून और मसूरी का जाना पड़ता है।
नैनबाग पीएचसी के उच्चीकरण का प्रस्ताव महानिदेशक स्वास्थ्य को भेजा गया है। नैनबाग क्षेत्र से चारधाम यात्रा मार्ग से भी जुड़ा है। भोगोलिक स्थिति के आधार पर पीएचसी का उच्चीकरण जरूरी है। स्वीकृत मिलने के बाद केंद्र के उच्चीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
डॉ़ श्याम विजय, सीएमओ टिहरी।