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Tehri News: थौलधार में आपदा ने तोड़ी नहर, अधिकारियों ने उम्मीद
Sat, 03 Jan 2026 07:03 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 03 Jan 2026 07:03 PM IST
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टूटी नहरों की मरम्मत नहीं होने से सूख रहे हैं खेत, काश्तकार परेशान
चार माह पूर्व आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थी नहर, अस्थायी व्यवस्था की उठी मांग
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में खांड-बिड़कोट के काश्तकार मौसम के साथ ही सिंचाई विभाग की बेरुखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। गेहूं, जौ और सरसों की बुवाई करने के बाद बारिश के इंतजार में बैठे किसानों को सिंचाई विभाग से भी राहत नहीं मिल पा रही है। काश्तकार पिछले चार माह से आपदा से क्षतिग्रस्त नहर को फिलहाल अस्थायी व्यवस्था कर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन विभाग कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है।
जनवरी का महीना शुरू हो गया है लेकिन अभी तक कहीं बारिश का नामोनिशान नहीं है जिससे गेहूं, जौ, सरसों, मसूर, मटर और आलू की फसल सूखने की कगार पर है। अन्य किसानों की तरह खांड-बिड़कोट के किसानों ने भी कड़ी मेहनत कर खेतों में बुवाई की थी। उन्हें उम्मीद थी कि बारिश नहीं हुई तो नहर से पानी मिल जाएगा लेकिन अभी तक बारिश हुई न नहर से पानी मिला।
बिड़कोट के प्रधान सुमन सिंह गुसाईं, बलदेव सिंह कुमाईं और जगवीर सिंह कुमाईं ने बताया कि वर्षों बाद 2022 में 1.28 करोड़ की लागत से नहर बनाई गई लेकिन अगस्त 2025 में भारी बारिश के कारण ढिक्यारा गाड में नहर का हेड क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश और नहर बनने की उम्मीद में काश्तकारों ने गेहूं, सरसों और मसूर आदि की बुवाई की लेकिन अभी तक न बारिश हुई और न ही नहर बन पाई है।
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सिंचाई विभाग भी शासन को तीन लाख का इस्टीमेट भेजने के बाद चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीण विभाग से 30-35 हजार रुपये खर्च कर अस्थायी व्यवस्था बनाकर पानी चलाने की मांग करते आ रहे है लेकिन चार माह से समस्या जस की तस बनी हुई है। गदेरे में पर्याप्त पानी होने के बावजूद फसल सूखने लगी है जिससे काश्तकार खासे निराश हैं।
आपदा से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए शासन को इस्टीमेट भेजा गया है। काश्तकारों की ओर से फिलहाल अस्थायी व्यवस्था बनाकर पानी चलाने की मांग पर सहायक अभियंता को नहर पर पानी चलाने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनूप कुमार ड्यूंडी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग नई टिहरी।
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चार माह पूर्व आपदा से क्षतिग्रस्त हो गई थी नहर, अस्थायी व्यवस्था की उठी मांग
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में खांड-बिड़कोट के काश्तकार मौसम के साथ ही सिंचाई विभाग की बेरुखी का खामियाजा भुगत रहे हैं। गेहूं, जौ और सरसों की बुवाई करने के बाद बारिश के इंतजार में बैठे किसानों को सिंचाई विभाग से भी राहत नहीं मिल पा रही है। काश्तकार पिछले चार माह से आपदा से क्षतिग्रस्त नहर को फिलहाल अस्थायी व्यवस्था कर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन विभाग कोई व्यवस्था नहीं कर पाया है।
जनवरी का महीना शुरू हो गया है लेकिन अभी तक कहीं बारिश का नामोनिशान नहीं है जिससे गेहूं, जौ, सरसों, मसूर, मटर और आलू की फसल सूखने की कगार पर है। अन्य किसानों की तरह खांड-बिड़कोट के किसानों ने भी कड़ी मेहनत कर खेतों में बुवाई की थी। उन्हें उम्मीद थी कि बारिश नहीं हुई तो नहर से पानी मिल जाएगा लेकिन अभी तक बारिश हुई न नहर से पानी मिला।
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बिड़कोट के प्रधान सुमन सिंह गुसाईं, बलदेव सिंह कुमाईं और जगवीर सिंह कुमाईं ने बताया कि वर्षों बाद 2022 में 1.28 करोड़ की लागत से नहर बनाई गई लेकिन अगस्त 2025 में भारी बारिश के कारण ढिक्यारा गाड में नहर का हेड क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश और नहर बनने की उम्मीद में काश्तकारों ने गेहूं, सरसों और मसूर आदि की बुवाई की लेकिन अभी तक न बारिश हुई और न ही नहर बन पाई है।
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सिंचाई विभाग भी शासन को तीन लाख का इस्टीमेट भेजने के बाद चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीण विभाग से 30-35 हजार रुपये खर्च कर अस्थायी व्यवस्था बनाकर पानी चलाने की मांग करते आ रहे है लेकिन चार माह से समस्या जस की तस बनी हुई है। गदेरे में पर्याप्त पानी होने के बावजूद फसल सूखने लगी है जिससे काश्तकार खासे निराश हैं।
आपदा से क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए शासन को इस्टीमेट भेजा गया है। काश्तकारों की ओर से फिलहाल अस्थायी व्यवस्था बनाकर पानी चलाने की मांग पर सहायक अभियंता को नहर पर पानी चलाने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनूप कुमार ड्यूंडी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग नई टिहरी।