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Tehri News: आपदा में टूटा पुल, स्कूल जाने के लिए निकलना पड़ता तय समय से पहले
Fri, 01 Nov 2024 06:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 01 Nov 2024 06:25 PM IST
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आपदा के दो माह बाद भी नहीं बना मेंडू-सिधंवाल गांव को जोड़ने वाला मोटर पुल
घनसाली (टिहरी)। 20 अगस्त की रात को भिलंग पट्टी में अतिवृष्टि और बादल फटने से मेंडू-सिंधवाल गांव को जोड़ने वाली मनगढ़ गदेरे पर बना पीएमजीएसवाई का मोटर पुल बह गया था। क्षेत्रों के छह गांवों के नव जीवन आश्रम इंटर कॉलेज घुत्तु में पढ़ने वाले 60 बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। मोटर पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद ग्रामीण बच्चों को तय समय से लगभग 15 मिनट पहले स्कूल के लिए निकलना पड़ता है।
भिलंग पट्टी में आई आपदा को दो माह से अधिक का समय बीत चुका है। अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना से मेंडू-सिधंवाल गांव को जोड़ने वाली मोटर पुल के साथ कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। मनगढ़ गदेरे पर बने पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद से मेंडू, सिंधवाल गांव, पुजार गांव, कैलबागी, बीना चंदला के गांवों के छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में अधिक समय लग रहा है।
प्रशासन ने आपदा के चार दिन बाद मोटर पुल की जगह ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन के लिए पैदल लकड़ी की पुलिया का निर्माण करवाया था। स्थानीय निवासी भजन सिंह रावत ने बताया कि आपदा में मनगढ़ गदेरे में बना पुल और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्कूल पहुंचने में अब अधिक समय लग रहा है।
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कई रास्तों की मरम्मत हो चुकी है। कई अन्यों की मरम्मत होनी है। मोटर पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद ग्रामीण बच्चों को तय समय से लगभग 15 मिनट पहले अपने घरों से स्कूल के लिए निकलना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी कैलबागी गांव के बच्चों को उठानी पड़ती है। उन्हें उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए विद्यालय पहुंचने के लिए लगभग तीन किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। मनगढ़ गदेरे में दो माह बाद पानी कम हो गया है। लेकिन जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक वहां से बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ेगा।
मेंडू-सिधंवाल गांव को मनगढ़ गदेरे पर बना मोटर पुल आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। विभाग की ओर से शासन को मनगढ़ गदेरे में मोटर पुल निर्माण के लिए 50 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट की स्वीकृत नहीं मिल पाई है। बजट मिलने के बाद ही पुल निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
पवन कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई टिहरी
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घनसाली (टिहरी)। 20 अगस्त की रात को भिलंग पट्टी में अतिवृष्टि और बादल फटने से मेंडू-सिंधवाल गांव को जोड़ने वाली मनगढ़ गदेरे पर बना पीएमजीएसवाई का मोटर पुल बह गया था। क्षेत्रों के छह गांवों के नव जीवन आश्रम इंटर कॉलेज घुत्तु में पढ़ने वाले 60 बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुल का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। मोटर पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद ग्रामीण बच्चों को तय समय से लगभग 15 मिनट पहले स्कूल के लिए निकलना पड़ता है।
भिलंग पट्टी में आई आपदा को दो माह से अधिक का समय बीत चुका है। अतिवृष्टि और बादल फटने की घटना से मेंडू-सिधंवाल गांव को जोड़ने वाली मोटर पुल के साथ कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए थे। मनगढ़ गदेरे पर बने पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद से मेंडू, सिंधवाल गांव, पुजार गांव, कैलबागी, बीना चंदला के गांवों के छात्र-छात्राओं को स्कूल पहुंचने में अधिक समय लग रहा है।
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प्रशासन ने आपदा के चार दिन बाद मोटर पुल की जगह ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन के लिए पैदल लकड़ी की पुलिया का निर्माण करवाया था। स्थानीय निवासी भजन सिंह रावत ने बताया कि आपदा में मनगढ़ गदेरे में बना पुल और पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्कूल पहुंचने में अब अधिक समय लग रहा है।
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कई रास्तों की मरम्मत हो चुकी है। कई अन्यों की मरम्मत होनी है। मोटर पुल के आपदा की भेंट चढ़ने के बाद ग्रामीण बच्चों को तय समय से लगभग 15 मिनट पहले अपने घरों से स्कूल के लिए निकलना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी कैलबागी गांव के बच्चों को उठानी पड़ती है। उन्हें उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए विद्यालय पहुंचने के लिए लगभग तीन किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। मनगढ़ गदेरे में दो माह बाद पानी कम हो गया है। लेकिन जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक वहां से बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ेगा।
मेंडू-सिधंवाल गांव को मनगढ़ गदेरे पर बना मोटर पुल आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। विभाग की ओर से शासन को मनगढ़ गदेरे में मोटर पुल निर्माण के लिए 50 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट की स्वीकृत नहीं मिल पाई है। बजट मिलने के बाद ही पुल निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
पवन कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई टिहरी