फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   thdc matter

नंदगांववासियों के अरमानों पर फिरा पानी

Thu, 04 Feb 2016 09:37 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला नई टिहरी
ब्यूरो/ अमर उजाला नई टिहरी Updated Thu, 04 Feb 2016 09:37 PM IST
विज्ञापन
टिहरी झील प्रभावित नंदगांव के 47 परिवारों को टीएचडीसी ने करारा झटका दिया है। पुनर्वास के लिए पांच लाख से अधिक की धनराशि देने और निजी भूमि क्रय करने से टीएचडीसी ने स्पष्ट इनकार कर दिया है। टीएचडीसी का कहना है कि पुनर्वास के लिए राज्य सरकार राजस्व या फिर वन भूमि का चयन करें।
विज्ञापन

टिहरी जिले के भिलंगना और जाखणीधार ब्लॉक की सीमा पर बसे नंदगांव के लोग वर्ष 2005 से पुनर्वास की मार झेल रहे हैं। झील से हो रहे भू-धेसाव के कारण आवासीय भवनों की दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। कृषि योग्य भूमि झील में समा गई है। गांव के 97 परिवारों का 2002 में पुनर्वास हो चुका है। आरएल 835 से 865 आरएल के मध्य निवासरत 47 परिवारों का पुनर्वास होना अभी शेष है। झील से हो रहे भूस्खलन को देखते हुए इन परिवारों को भवनों का 80 प्रतिशत प्रतिकर भुगतान 2014 में हो चुका है, लेकिन विस्थापन के लिए भूमि का चयन नहीं हो पाया है। 16 अगस्त 2012 से लेकर विस्थापन की मांग को लेकर वे छह बार पुनर्वास कार्यालय में धरना-प्रदर्शन और अनशन कर चुके हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के हिस्से अब तक सिर्फ कोरे आश्वासन ही आए हैं।
विज्ञापन

नवंबर 2014 में विस्थापन के लिए प्रभावितों को हरिद्वार खानपुर में वन भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी कराया गया, लेकिन खानपुर की यह भूमि प्रभावितों को पसंद नहीं आई। प्रभावितों का कहना था कि खानपुर में जो भूमि उन्हें दिखाई गई है, वहां यातायात, स्कूल, बिजली और पानी की सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नंदगांव के प्रभावित परिवारों को उम्मीद थी कि दो फरवरी को होने वाली टिहरी बंाध उप समन्वय समिति की बैठक में विस्थापन को लेकर उनके हक में फैसला आएगा, लेकिन उप समन्वय समिति की बैठक के बाद भी प्रभावितों के हाथ सिर्फ निराशा ही लगी है। बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों ने  पुनर्वास के लिए पांच लाख से अधिक की धनराशि देने और निजी भूमि क्रय करने से इनकार कर दिया है।

कोट
विस्थापन के लिए टीएचडीसी ने इनकार नहीं किया है। पुनर्वास तो होना ही है, लेकिन पुनर्वास के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं हो रही है। अब तक विस्थापन के लिए जो पांच लाख की धनराशि मिलती थी, उस धनराशि को बढ़ाने के लिए उप समन्वय समिति की बैठक में विचार-विमर्श किया गया है।
-ओएस मौर्य, महाप्रबंधक टीएचडीसी

बांध प्रभावित नंदगांव के विस्थापन के लिए टीएचडीसी ने निजी भूमि क्रय करने से इनकार कर दिया है। टीएचडीसी ने कहा है कि पुनर्वास के लिए राजस्व भूमि देखी जाए। राजस्व भूमि के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। यदि राजस्व भूमि उपलब्ध नहीं हुई, तो टीएचडीसी को पुनर्वास के लिए धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव दिया जाएगा।

-ज्योति नीरज खैरवाल, डीएम/पुनर्वास निदेशक

नंदगांव के बांध प्रभावित परिवारों को भूमि के बदले भूमि और मकान के बदले मकान ही चाहिए। यदि पुनर्वास और टीएचडीसी विभाग भूमि देने में सक्षम नहीं है, तो प्रत्येक परिवार को विस्थापन के लिए डेढ़ करोड़ की धनराशि दी जाए।
-सोहन सिंह राणा, अध्यक्ष आंशिक डूब संघर्ष समिति नदंगांव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed