फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   Tehri dam lake water level reached minimum level

Tehri Dam: टिहरी बांध की झील का जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंचा, पानी की कमी के कारण विद्युत उत्पादन भी घटा

Wed, 08 Jun 2022 02:03 AM IST
विजय पुंडीर संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 08 Jun 2022 02:03 AM IST
सार

42 वर्ग किलोमीटर में फैली झील का जलस्तर इन दिनों 88 मीटर कम हो गया है। सामान्य दिनों में जलस्तर अधिकतम आरएल 830 मीटर रहता है, लेकिन बारिश कम होने के कारण जलस्तर घटकर न्यूनतम स्तर आरएल 742 मीटर पहुंच गया है। 

विज्ञापन
Tehri dam lake water level reached minimum level
टिहरी बांध - फोटो : PTI

विस्तार

एशिया के सबसे बड़े टिहरी बांध पर गर्मी का असर दिखने लगा है। बारिश न होने और मौसम के चढ़ते पारे के कारण टिहरी बांध की झील का जलस्तर न्यूनतम आरएल (रीवर लेवल) 742 मीटर पहुंच गया है, जिसका प्रभाव विद्युत उत्पादन पर भी पड़ रहा है। झील में पानी कम होने से टिहरी बांध से 4.50 मिलियन और कोटेश्वर बांध से 2.50 मिलियन यूनिट ही विद्युत उत्पादन हो रहा है। जबकि सामान्य दिनों में टीएचडीसी 25 से 30 मिलियन विद्युत उत्पादन होता है।

विज्ञापन


42 वर्ग किलोमीटर में फैली झील का जलस्तर इन दिनों 88 मीटर कम हो गया है। सामान्य दिनों में जलस्तर अधिकतम आरएल 830 मीटर रहता है, लेकिन बारिश कम होने के कारण जलस्तर घटकर न्यूनतम स्तर आरएल 742 मीटर पहुंच गया है। बारिश कम होने के कारण भागीरथी नदी से 160 क्यूमेक्स, भिलंगना से 30 क्यूमेक्स और सहायक नदियों से केवल 30 क्यूमेक्स पानी आ रहा है। झील से 150 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर कम होने से विद्युत उत्पादन भी प्रभावित हो गया है। वर्तमान में टीएचडीसी टिहरी बांध से 4.50 मिलियन यूनिट और कोटेश्वर बांध से 2.50 मिलियन यूनिट ही विद्युत उत्पादन कर रही है। टीएचडीसी इन दिनों तीन घंटे सुबह और तीन घंटे शाम को चार के बजाए तीन टरबाइन ही चला रही है। 
विज्ञापन


बारिश के दिनों में जब झील अधिकतम आरएल 830 मीटर भरी रहती है, तो विद्युत उत्पादन भी 25 से 30 मिलियन यूनिट होता है। गर्मी शुरू होते ही 15 मार्च से 15 जून तक टीएचडीसी के सामने देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने से लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ आदि राज्यों को सिंचाई और पीने के लिए पानी मुहैया करवाना बड़ी चुनौती रहती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

टीएचडीसी के महाप्रबंधक (प्लानिंग) संदीप अग्रवाल का कहना है कि गर्मी के दिनों में बारिश कम होने कारण जलस्तर घटना स्वाभाविक है, जिसका असर विद्युत उत्पादन पर भी पड़ता है। मानसून सीजन शुरू होने के बाद जलस्तर भी बढ़ने लगता है। जिससे विद्युत उत्पाद भी पर्याप्त मात्रा में होता है। इन दिनों झील का जलस्तर न्यूनतम आरएल 742 मीटर पहुंच गया है, जिससे विद्युत उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed