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Tehri News: शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने का किया विरोध

Thu, 25 Sep 2025 06:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Thu, 25 Sep 2025 06:32 PM IST
सार

नई टिहरी में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने टीईटी परीक्षा अनिवार्य करने के आदेश का विरोध किया। शिक्षकों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आदेश निरस्त करने की मांग की। इससे हजारों शिक्षक प्रभावित और तनाव में हैं।

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Teachers protested against making TET exam compulsory

विस्तार

प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से टीईटी परीक्षा को निरस्त करने की लगाई गुहार
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नई टिहरी। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ टिहरी ने सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर टीईटी आदेश को निरस्त करने की गुहार लगाई है।

संगठन के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष शेर सिंह पंवार, महामंत्री उम्मेद नेगी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शिक्षकों ने कहा कि उच्च न्यायालय ने गत एक सितंबर को शिक्षक व शिक्षिकाओं के लिए सेवा में बने रहने व पदोन्नति के लिए 55 वर्ष तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण का आदेश दिया हैं। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के 15 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रभावित हो रहे हैं।
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इस आदेश से शिक्षक तनाव में है। एनसीटीई ने प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2010 में टीईटी प्रथम परीक्षा उत्तीर्ण की अनिवार्यता का प्राविधान रखा था। उक्त प्रक्रिया गतिमान है। वर्तमान में टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए 40 वर्ष की आयु निर्धारित है जबकि उच्च न्यायालय ने 55 वर्ष तक के सभी शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के आदेश दिए हैं। यह तार्किक एवं न्यायसंगत नहीं है। शिक्षक स्कूलों में पठन- पाठन के साथ कई अन्य विभागीय कार्यों का संपादन भी करते हैं।
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अधिक उम्र के शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना असंभव है। शिक्षकों के संरक्षण एवं भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए उक्त याचिका में पारित आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों के सेवा में बने रहने व पदोन्नति के अवसर प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार व एनसीटीई से शिक्षकों को टीईटी पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की मांग की है।

इस मौके पर संगठन के प्रदेश महामंत्री जगवीर खरोला, संरक्षक राकेश डोभाल, सुधा उनियाल, प्रकाशी सेमवाल, सविता बडोनी, उर्मिला शाह, अंजू बाला, श्याम लाल आर्य, कुलवीर चौहान, चमन वर्मा, मनोहर चमोली, महेश्वर सेमवाल, प्रमोद नेगी, राजेंद्र कठैत, शूरवीर सिंह टम्टा आदि मौजूद थे।
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