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Tehri News: जीआईसी नौल बासर में शिक्षकों कमी का खमियाजा भुगत रहे छात्र
Tue, 27 Oct 2026 06:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 27 Oct 2026 06:48 PM IST
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प्रधानाचार्य सहित छह प्रवक्ताओं के पद खाली, छात्रों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
घनसाली (टिहरी)। राजकीय इंटर कॉलेज नौल बासर में प्रधानाचार्य के सहित प्रवक्ताओं के छह पद रिक्त होने से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की संख्या में भी गिरावट आ रही है।
भिलंगना के जीआईसी नौलबासर में रसायन विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान प्रवक्ता, सहायक अंग्रेजी शिक्षक के साथ प्रधानाचार्य के पद भी लंबे समय से रिक्त है जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष मनोज नेगी ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से पत्राचार किया गया। बावजूद शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई।
बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 265 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों का भविष्य चौपटा हो रहा है। शिक्षकों की कमी का असर बोर्ड परीक्षा परिणाम में देखा जा सकता है। बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा 12वीं में 19 छात्र-छात्राएं फेल हो गए। मानकों के अनुसार विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति न होने से होने से छात्र संख्या में कमी आ रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने का दावा करते हैं लेकिन जब विद्यालय में संचालित विषयों में शिक्षक ही नहीं होंगे तो छात्रों की पढ़ाई कैसे हो पाएगी। शिक्षकों की कमी से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य और परीक्षा परिणाम को लेकर परेशान है। शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर विभागीय अधिकारियों की ओर से हर बार केवल आश्वासन मिलता है लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
विद्यालय में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के बारे में उच्चाधिकारियों को शीघ्र अवगत करवाया जाएगा। विद्यालय में जल्द अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होने पर शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी।
सुनील कार्की, खंड शिक्षा अधिकारी भिलंगना।
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घनसाली (टिहरी)। राजकीय इंटर कॉलेज नौल बासर में प्रधानाचार्य के सहित प्रवक्ताओं के छह पद रिक्त होने से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं की संख्या में भी गिरावट आ रही है।
भिलंगना के जीआईसी नौलबासर में रसायन विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, जीव विज्ञान प्रवक्ता, सहायक अंग्रेजी शिक्षक के साथ प्रधानाचार्य के पद भी लंबे समय से रिक्त है जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष मनोज नेगी ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कई बार शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से पत्राचार किया गया। बावजूद शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाई।
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बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 265 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों का भविष्य चौपटा हो रहा है। शिक्षकों की कमी का असर बोर्ड परीक्षा परिणाम में देखा जा सकता है। बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा 12वीं में 19 छात्र-छात्राएं फेल हो गए। मानकों के अनुसार विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति न होने से होने से छात्र संख्या में कमी आ रही है।
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उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने का दावा करते हैं लेकिन जब विद्यालय में संचालित विषयों में शिक्षक ही नहीं होंगे तो छात्रों की पढ़ाई कैसे हो पाएगी। शिक्षकों की कमी से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य और परीक्षा परिणाम को लेकर परेशान है। शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर विभागीय अधिकारियों की ओर से हर बार केवल आश्वासन मिलता है लेकिन स्थिति जस की तस बनी है।
विद्यालय में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के बारे में उच्चाधिकारियों को शीघ्र अवगत करवाया जाएगा। विद्यालय में जल्द अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति होने पर शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी।
सुनील कार्की, खंड शिक्षा अधिकारी भिलंगना।