मंगलवार को गिरफ्तार किए गए 19 बांध प्रभावितों में से छह लोगों को एसडीएम कोर्ट ने शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया, जबकि 13 लोगों को छोड़ दिया गया। 20 दिनों से पुनर्वास और टीएचडीसी में रोजगार देने की मांग को लेकर धरना दे रहे आंदोलनकारी स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन देने जा रहे थे।
टिहरी बांध प्रभावित रौलाकोट, गडोली और भल्डियाणा के ग्रामीण पुनर्वास करने और टीएचडीसी में नौकरी देने सहित कई मांगों को लेकर 20 दिनों से बौराड़ी में धरना देते आ रहे हैं। वह मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत को ज्ञापन देने कलक्ट्रेट जा रहे थे कि इससे पहले ढाइजर में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। देर रात तक आंदोलनकारियों की पुलिस और प्रशासन से वार्ता चलती रही, लेकिन कई लोगों ने मुचलका भरने से इनकार कर दिया। उसके बाद पुलिस ने उनका मेडिकल कराया। एसडीएम अपूर्वा सिंह ने बताया कि मंगलवार रात को उन्हें कोतवाली में रखा गया। बुधवार को छह लोगों ने मुचलका भरने से इनकार कर दिया, जिससे हिरासत में लिए गए सागर भंडारी, दीपक थपलियाल, सब्बल सिंह धनाईं, युद्धवीर सिंह, पुरुषोत्तम और कुंदन सिंह को जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि महिलाओं सहित 13 लोगों को छोड़ दिया गया है। आंदोलनकारी सागर भंडारी ने शासन-प्रशासन पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जेल के भीतर ही वह आंदोलन शुरू करेंगे। जब तक मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।