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भिलंगना क्षेत्र में सेंदुल-पटुड सड़क निर्माण बनेगा चुनावी मुद्दा
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प्रतापनगर के रौलाकोट गांव का लंबे समय बाद भी नहीं हुआ पुनर्वास।
- फोटो : NEW TEHRI
भिलंगना ब्लॉक के एक दर्जन गांव को जोड़ने वाला सेंदुल-पटुड गांव का मोटर मार्ग करीब सात साल से खस्ताहाल बना हुआ है। ग्रामीण खस्ताहाल मोटर मार्ग पर जानजोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। पीएमजीएसवाई करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मार्ग की दशा नहीं सुधार पाया है। ग्रामीणों ने मोटर मार्ग कर डामरीकरण समेत अन्य अधूरा निर्माण जल्द पूरा न होने पर चुनाव आचार संहिता के बाद बेमियादी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में वह खस्ताहाल सड़क को मुख्य मुद्दा बनाएंगे।
केंद्र सरकार ने केमर पट्टी के गनगर, बहेड़ी, गवांणा, कोठियाड़ा, राजगांव, कोंती, बणगांव, चिलियालगांव, किरेथ, ढुंगरी, कुंडी, बंगसू, पटुड गांव आदि को जोड़ने के लिए सरकार ने 15 किमी सड़क स्वीकृत कर पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड प्रथम को जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए 2015 में चार करोड़ 51 विभाग की दी गई थी, लेकिन विभाग ने ठेकेदार के साथ मिली भगत कर कार्य अधूरा छोड़ दिया था। ठेकेदार ने 15 में से केवल 12 किमी का ही डामरीकरण किया। बाकी का डामरीकरण कार्य छोड़ दिया। साथ ही जो डामरीकरण किया भी वह एक साल में ही उखड़ गया। मार्ग का अधिकांश स्थानों से डामर पूरी तरह उखड़ गया है। मार्ग के छह से अधिक स्थानों पर पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नत्थी सिंह नेगी, प्रधान विक्रम सिंह पंवार, बिजेंद्र गुसाईं, कुशलानंद जोशी, कुंवर सिंह चमियाल, दर्शन सिंह पंवार, रविंद्र जोशी, कुशाल सिंह पंवार आदि का कहना है कि पीएमजीएसवाई की लापरवाही से ग्रामीणों से दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बताया कि लगातार शासन-प्रशासन से मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।
मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए दो करोड़ 41 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर मार्ग को कार्य शुरू करवाया जाएगा। - संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी।
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केंद्र सरकार ने केमर पट्टी के गनगर, बहेड़ी, गवांणा, कोठियाड़ा, राजगांव, कोंती, बणगांव, चिलियालगांव, किरेथ, ढुंगरी, कुंडी, बंगसू, पटुड गांव आदि को जोड़ने के लिए सरकार ने 15 किमी सड़क स्वीकृत कर पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड प्रथम को जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए 2015 में चार करोड़ 51 विभाग की दी गई थी, लेकिन विभाग ने ठेकेदार के साथ मिली भगत कर कार्य अधूरा छोड़ दिया था। ठेकेदार ने 15 में से केवल 12 किमी का ही डामरीकरण किया। बाकी का डामरीकरण कार्य छोड़ दिया। साथ ही जो डामरीकरण किया भी वह एक साल में ही उखड़ गया। मार्ग का अधिकांश स्थानों से डामर पूरी तरह उखड़ गया है। मार्ग के छह से अधिक स्थानों पर पुश्ते भी क्षतिग्रस्त हैं। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य नत्थी सिंह नेगी, प्रधान विक्रम सिंह पंवार, बिजेंद्र गुसाईं, कुशलानंद जोशी, कुंवर सिंह चमियाल, दर्शन सिंह पंवार, रविंद्र जोशी, कुशाल सिंह पंवार आदि का कहना है कि पीएमजीएसवाई की लापरवाही से ग्रामीणों से दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। बताया कि लगातार शासन-प्रशासन से मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।
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मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए दो करोड़ 41 लाख का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर मार्ग को कार्य शुरू करवाया जाएगा। - संजय श्रीवास्तव, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी।
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