फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   Rehabilitation of 415 families after nine years

बांध प्रभावितों के पुनर्वास को जमीन मिलनी टेढी खीर

Sun, 14 Jul 2019 09:09 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2019 09:09 PM IST
विज्ञापन
Rehabilitation of 415 families after nine years
टिहरी झील - फोटो : फाइल फोटो
टिहरी बांध प्रभावित 415 परिवारों के पुनर्वास लिए जमीन मिलना टेढ़ी खीर हो गया है। सरकार ने प्रभावितों के पुनर्वास को वर्ष 2016 में मंशा देवी, दूधूपानी, भानियावाला, पशुलोक और आईडीपीएल में जमीन चिह्नित की थी, लेकिन भूमि हस्तांतरण का विवाद तीन साल में भी नहीं सुलझ पाया है। इससे प्रभावित परिवारों का पुनर्वास अधर में लटका है।
विज्ञापन

झील के आसपास भागीरथी और भिलंगना घाटी के 45 गांव के 415 परिवारों को वर्ष 2010-11 में हुए भूगर्भीय सर्वे में विशेषज्ञों ने खतरे की जद में पाया था। विशेषज्ञों ने सरकार को संबंधित परिवारों के पुनर्वास की सलाह दी थी, लेकिन पुनर्वास निदेशालय को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए जमीन नहीं मिल पाई थी। अगस्त वर्ष 2016 में सरकार के निर्देश पर पुनर्वास निदेशालय ने ऋषिकेश में पशुपालन की 14.21, आईडीपीएल की 39.21, मंशादेवी, दूधूपानी से बीबीवाला 65.31, भानियावाला के जाखन में 39.21 हेक्टेयर भूमि वन विभाग की पुनर्वास के लिए चिह्नित कर केंद्र सरकार को एनओसी के लिए भेजा था, लेकिन आईडीपीएल, पशुपालन ने भूमि देने से इनकार कर दिया। जबकि विभाग ने वन भूमि अधिक होने से लेकर तकनीकी कारण गिनाते हुए भूमि की स्वीकृति नहीं दी है। भूमि नहीं मिलने से नौ साल बाद भी प्रभावितों को आवासीय एवं कृषि भूखंड आवंटित नहीं हो पाए हैं। पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक परिवार को 10 बीघा कृषि और दो सौ वर्गमीटर का आवासीय भूखंड दिया जाना था, लेकिन पुनर्वास के अभाव में प्रभावित परिवार जर्जर मकानों में रहने को मजबूर है। आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, भटकंडा के प्रधान प्रदीप भट्ट ने बताया कि वर्षों से प्रभावितों के साथ धोखा हो रहा है। लगातार पुनर्वास की मांग की जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन की लापरवाही से पुनर्वास नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

मंशादेवी, दूधूपानी, भानियावाला में चिह्नित वन भूमि की एनओसी नहीं मिल पाई है, जबकि पशुलोक, आईडीपीएल की जमीन भी नहीं मिल पाई है। इससे पुनर्वास संबंधी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-आरके गुप्ता, ईई अवस्थापना खंड पुनर्वास ऋषिकेश।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed