कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने टिहरी बांध प्रभावितों, विस्थापितों को निशुल्क बिजली, पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की प्रथम निर्वाचित सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार टिहरी बांध प्रभावितों और विस्थापितों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के 51 आदेशों के बावजूद अंतिम व्यक्ति के विस्थापन किए बगैर बांध की सुरंगों को बंद किया गया।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में उपाध्याय ने कहा कि 22 जनवरी को दिल्ली में हुई हाइपॉवर कमेटी की बैठक देर से ही पर सरकार ने करवाई है। उन्होंने टीएचडीसी के पास पड़ी भूमि राज्य सरकार को देने, नई टिहरी में सीवरेज सिस्टम बिछाने, 1998 में तत्कालीन यूपी सरकार में 18 जीओ की बहाली, टिहरी-उत्तरकाशी जिले में बांध से मिलने वाली रॉयल्टी का 50 प्रतिशत धनराशि खर्च करने, प्रत्येक विस्थापित परिवार में एक व्यक्ति को नौकरी देने, चार साल से बंद पड़े ग्रेवांस सेल को एक्टिव करने की मांग की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शांति भट्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने सम-पाश्र्विक क्षतिनीति को लागू करने, टास्क फोर्स गठित कर टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, नोएडा, दिल्ली में टीएचडीसी के अधीन भूमि को राज्य सरकार के नाम पर करने, प्रभावितों, विस्थापितों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। इस मौके पर ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र डोभाल, अमित चमोली और मुशर्रफ अली आदि मौजूद थे।