{"_id":"69fb4a039d9d43fc4904210d","slug":"pregnant-woman-dies-due-to-substandard-health-services-tehri-news-c-50-1-sdrn1018-118768-2026-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: लचर स्वास्थ्य सेवाओं से गर्भवती महिला की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: लचर स्वास्थ्य सेवाओं से गर्भवती महिला की मौत
Wed, 06 May 2026 07:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 06 May 2026 07:32 PM IST
विज्ञापन
पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित महिला को हायर सेंटर किया गया था रेफर
एम्स ऋषिकेश पहुंचने से पहले ही हो गई थी गर्भवती की मौत
नरेंद्रनगर/घनसाली। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित गर्भवती महिला को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया था लेकिन 108 सेवा देर से मिलने के कारण ऋषिकेश एम्स पहुंचने से पहले नरेंद्रनगर उप जिला चिकित्सालय में उसकी मौत हो गई।
गंभीर स्थिति में पहुंची महिला को लेकर उप जिला चिकित्सालय नरेंद्रनगर पहुंचे पीड़िता के ससुर भारत सिंह रावत ने बताया कि भिलंगना ब्लॉक के ग्राम पोखार निवासी आरती रावत (28) पत्नी प्रवीन रावत एक दिन पहले ही देहरादून से अपने गांव विवाह समारोह में शामिल होने आई थी।
मंगलवार पांच मई को दिन में बहू ने पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत की। उसके बाद शीघ्र ही उसे घनसाली में एक निजी चिकित्सालय में दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिलने पर उसे सीएचसी बलेश्वर ले गए। वहां डाॅक्टर ने उसकी जांच कर स्थिति गंभीर देखते हुए एम्स के लिए रेफर कर दिया। दूरभाष पर 108 एंबुलेंस सेवा बुलाई गई।
विज्ञापन
एक घंटे देर से पहुंची 108 सेवा से आरती को एम्स ऋषिकेश ले जा रहे थे। इस दौरान आगराखाल में उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे रात आठ बजे श्रीदेव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय ले गए। वहां डाॅक्टर ने जांच कर आरती को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि डेढ़ साल पहले ही आरती की शादी हुई थी। करीब 6-7 माह की बेटी को छोड़कर गई आरती फिर से गर्भवती थी। आरती की मौत पर परिजनों में कोहराम मच गया।
ससुराल और मायके पक्ष के लिए लोग बड़ी संख्या में यहां अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि 108 सेवा समय पर मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंचे प्रभारी निरीक्षक कृष्णराज शर्मा और तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल ने परिजनों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
मंगलवार दोपहर एक बजे अस्पताल पहुंची आरती पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित थी। मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद दो बजे रेफर कर दिया था। उन्हें श्रीनगर जाने की सलाह दी गई लेकिन परिजन तीन बजे एम्स के लिए निकले। परिजन पहले निजी वाहन से जाने वाले थे। लेकिन बाद में एंबुलेंस से गए।
-डॉ. शिव प्रसाद भट्ट, चिकित्सा प्रभारी सीएचसी बेलेश्वर।
विज्ञापन
एम्स ऋषिकेश पहुंचने से पहले ही हो गई थी गर्भवती की मौत
नरेंद्रनगर/घनसाली। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित गर्भवती महिला को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया था लेकिन 108 सेवा देर से मिलने के कारण ऋषिकेश एम्स पहुंचने से पहले नरेंद्रनगर उप जिला चिकित्सालय में उसकी मौत हो गई।
गंभीर स्थिति में पहुंची महिला को लेकर उप जिला चिकित्सालय नरेंद्रनगर पहुंचे पीड़िता के ससुर भारत सिंह रावत ने बताया कि भिलंगना ब्लॉक के ग्राम पोखार निवासी आरती रावत (28) पत्नी प्रवीन रावत एक दिन पहले ही देहरादून से अपने गांव विवाह समारोह में शामिल होने आई थी।
विज्ञापन
मंगलवार पांच मई को दिन में बहू ने पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत की। उसके बाद शीघ्र ही उसे घनसाली में एक निजी चिकित्सालय में दिखाया लेकिन कोई राहत नहीं मिलने पर उसे सीएचसी बलेश्वर ले गए। वहां डाॅक्टर ने उसकी जांच कर स्थिति गंभीर देखते हुए एम्स के लिए रेफर कर दिया। दूरभाष पर 108 एंबुलेंस सेवा बुलाई गई।
विज्ञापन
एक घंटे देर से पहुंची 108 सेवा से आरती को एम्स ऋषिकेश ले जा रहे थे। इस दौरान आगराखाल में उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे रात आठ बजे श्रीदेव सुमन राजकीय उप जिला चिकित्सालय ले गए। वहां डाॅक्टर ने जांच कर आरती को मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि डेढ़ साल पहले ही आरती की शादी हुई थी। करीब 6-7 माह की बेटी को छोड़कर गई आरती फिर से गर्भवती थी। आरती की मौत पर परिजनों में कोहराम मच गया।
ससुराल और मायके पक्ष के लिए लोग बड़ी संख्या में यहां अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा कि 108 सेवा समय पर मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंचे प्रभारी निरीक्षक कृष्णराज शर्मा और तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल ने परिजनों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
मंगलवार दोपहर एक बजे अस्पताल पहुंची आरती पेट दर्द और उल्टी-दस्त से पीड़ित थी। मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद दो बजे रेफर कर दिया था। उन्हें श्रीनगर जाने की सलाह दी गई लेकिन परिजन तीन बजे एम्स के लिए निकले। परिजन पहले निजी वाहन से जाने वाले थे। लेकिन बाद में एंबुलेंस से गए।
-डॉ. शिव प्रसाद भट्ट, चिकित्सा प्रभारी सीएचसी बेलेश्वर।