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Tehri News: पंप स्टोरेज प्लांट से जल्द शुरू होगा विद्युत उत्पादन
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टीएचडीसी ने पीएसपी में स्थापित की रोटर लुअरिंग मशीन।
- फोटो : NEW TEHRI
टिहरी बांध की द्वितीय चरण की पीएसपी (पंप स्टोरेज प्लांट) से जल्द विद्युत उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जग गई है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने पीएसपी की 250 मेगावाट की पहली यूनिट की रोटर लुअरिंग (टरबाइन) मशीन की स्थापना की है। उन्होंने कहा कि पीएसपी बनने से देश की 1000 मेगावाट की ऊर्जा जरूरतें और पूरी होगी।
टिहरी बांध परियोजना 2400 मेगावाट की है जिसमें से एक हजार मेगावाट मुख्य बांध और 400 मेगावाट कोटेश्वर बांध से विद्युत उत्पादन हो रहा है जबकि 1000 हजार मेगावाट की पीएसपी परियोजना का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था। इससे 250-250 मेगावाट की चार टरबाइन लगाई जाएगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पूजा अर्चना कर रोटर लुअरिंग मशीन की स्थापना की।
टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने ऊर्जा मंत्री को पीएसपी के निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारी दी। पीएसपी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी ने बताया कि प्रथम यूनिट के लिए रोटर लुअरिंग मशीन स्थापित की गई है। पीएसपी के निर्माण में करीब चार हजार आठ सौ 25 करोड़ खर्च होंगे।
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पीएसपी की खासियत
एक हजार मेगावाट की पीएसपी के निर्माण से कोई भी गांव विस्थापित, प्रभावित नहीं हुआ है। यह परियोजना मुख्य बांध के अंदर ही विभिन्न सुरंगें पहाड़ के अंदर बनाकर किया जा रहा है। साथ ही टिहरी और कोटेश्वर बांध से विद्युत उत्पादन से निकालने वाले पानी को रिसाइकिल कर विद्युत उत्पादन किया जाएगा। परियोजना का अपस्ट्रीम व्यास लगभग 21 मी., ऊंचाई 140 मी. है, डाउनस्ट्रीम व्यास 18 मी., ऊंचाई 80 मी. है। मुख्य पावर हाउस जिसकी चौड़ाई 25.4 मीटर, ऊंचाई 55 मी., लंबाई 203 मी. है। दो मुख्य सुरंगें हैं जिनमें से एक का व्यास 9 मी. एवं लंबाई लगभग 1150 मी., दूसरी का व्यास 6 मी. और लंबाई 1500 मी है।
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टिहरी बांध परियोजना 2400 मेगावाट की है जिसमें से एक हजार मेगावाट मुख्य बांध और 400 मेगावाट कोटेश्वर बांध से विद्युत उत्पादन हो रहा है जबकि 1000 हजार मेगावाट की पीएसपी परियोजना का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था। इससे 250-250 मेगावाट की चार टरबाइन लगाई जाएगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने पूजा अर्चना कर रोटर लुअरिंग मशीन की स्थापना की।
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टीएचडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने ऊर्जा मंत्री को पीएसपी के निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारी दी। पीएसपी के अधिशासी निदेशक एलपी जोशी ने बताया कि प्रथम यूनिट के लिए रोटर लुअरिंग मशीन स्थापित की गई है। पीएसपी के निर्माण में करीब चार हजार आठ सौ 25 करोड़ खर्च होंगे।
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पीएसपी की खासियत
एक हजार मेगावाट की पीएसपी के निर्माण से कोई भी गांव विस्थापित, प्रभावित नहीं हुआ है। यह परियोजना मुख्य बांध के अंदर ही विभिन्न सुरंगें पहाड़ के अंदर बनाकर किया जा रहा है। साथ ही टिहरी और कोटेश्वर बांध से विद्युत उत्पादन से निकालने वाले पानी को रिसाइकिल कर विद्युत उत्पादन किया जाएगा। परियोजना का अपस्ट्रीम व्यास लगभग 21 मी., ऊंचाई 140 मी. है, डाउनस्ट्रीम व्यास 18 मी., ऊंचाई 80 मी. है। मुख्य पावर हाउस जिसकी चौड़ाई 25.4 मीटर, ऊंचाई 55 मी., लंबाई 203 मी. है। दो मुख्य सुरंगें हैं जिनमें से एक का व्यास 9 मी. एवं लंबाई लगभग 1150 मी., दूसरी का व्यास 6 मी. और लंबाई 1500 मी है।