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तीन साल में योजना बनी नहीं अब 15 दिन में पूरा करने का वादा

Sat, 11 Sep 2021 07:14 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 07:14 PM IST
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Plan not made in three years, now promise to complete it in 15 days
चानी गांव के 120 परिवारों पर जल निगम की लापरवाही भारी पड़ रही है। पिछले तीन साल से श्रीगढ़ पेयजल योजना का निर्माण अधर में लटका हुआ है, जिस कारण गांव में रहने वाले परिवारों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है। लंबे इंतजार के बाद टैंक निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन गांव तक पाइप लाइन नहीं पहुंच पाई। वहीं अधिकारी 15 दिन में गांव में पानी सुचारु करने का आश्वासन दे रहे हैं।
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भिलंगना ब्लॉक के चानी गांव के लिए वर्ष 2019 में श्रीगढ़ पेयजल योजना की स्वीकृति मिली थी। योजना निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 82 लाख 78 हजार की स्वीकृति दी थी। अप्रैल 2020 में पेयजल योजना निर्माण पूरा कर गांव में पानी की आपूर्ति करने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन निर्धारित लक्ष्य के डेढ़ साल बाद भी जल निगम योजना निर्माण पूरा नहीं कर पाई। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में पानी की आपूर्ति न होने पर ग्रामीणों को आधा किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। बीडीसी सदस्य प्रदीप जोशी ने बताया कि पिछले माह टैंक का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन टैंक में जगह-जगह से लीकेज हो रहा है। टैंक से आगे गांव के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। उन्होंने पेयजल योजना की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
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इस बाबत जल निगम के जेई सीसी शर्मा ने बताया कि टैंक की टेस्टिंग हो चुकी है। अब लीकेज नहीं हो रहा है। पहले यह समस्या थी। पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। कुछ स्थानों पर अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जानी है। 15 दिन में श्रीगढ़ पेयजल योजना से चानी गांव में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। लॉकडाउन के कारण योजना निर्माण में विलंब हुआ है।
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मवेशियों के लिए पानी जुटाना मुश्किल
बीडीसी सदस्य प्रदीप जोशी ने बताया कि महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे परिवार के लिए प्राकृतिक स्रोत से पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, लेकिन पशुओं के लिए पानी ढोना चुनौती बना है। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों के सामने औने-पौने दाम पर पशु बेचने की मजबूरी बनी हुई है।
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