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कर्मचारियों की बहाली के लिए दिया धरना
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चंबा के श्रीदेव सुमन विवि में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में धर?
- फोटो : NEW TEHRI
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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से दो साल पहले हटाए गए उपनल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बहाल करने की मांग को लेकर कर्मचारियों के परिजनों के साथ कांग्रेसियों ने संस्थान के गेट पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
विवि ने सितंबर 2019 में 37 उपनल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी थी। उसके बाद से कर्मचारी सेवा बहाली की मांग करते आ रहे हैं। शुक्रवार को कर्मचारियों के परिजनों ने बादशाहीथौल स्थित विवि गेट पर धरना दिया। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी मौजूद रहे। उन्होंने कर्मचारियों को बहाल करने की मांग उठाई।
विवि के कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने धरना स्थल पर पहुंचकर बताया कि 30 सितंबर 2020 को इस मामले में शासन को पत्र भेजा गया था। 15 फरवरी 2021 को विवि मुख्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद 22 फरवरी को प्रमुख सचिव के सम्मुख भी मामले को रखा गया था। मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। धरना देने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत, कुलदीप पंवार, राजेश्वर बडोनी, राजमती देवी, सरोजनी देवी, चैता देवी, ममता देवी, प्रतिभा देवी, सोहनवीर सजवाण और शक्ति जोशी आदि शामिल थे।
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विवि ने सितंबर 2019 में 37 उपनल और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी थी। उसके बाद से कर्मचारी सेवा बहाली की मांग करते आ रहे हैं। शुक्रवार को कर्मचारियों के परिजनों ने बादशाहीथौल स्थित विवि गेट पर धरना दिया। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी मौजूद रहे। उन्होंने कर्मचारियों को बहाल करने की मांग उठाई।
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विवि के कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने धरना स्थल पर पहुंचकर बताया कि 30 सितंबर 2020 को इस मामले में शासन को पत्र भेजा गया था। 15 फरवरी 2021 को विवि मुख्यालय में उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद 22 फरवरी को प्रमुख सचिव के सम्मुख भी मामले को रखा गया था। मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है। धरना देने वालों में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत, कुलदीप पंवार, राजेश्वर बडोनी, राजमती देवी, सरोजनी देवी, चैता देवी, ममता देवी, प्रतिभा देवी, सोहनवीर सजवाण और शक्ति जोशी आदि शामिल थे।
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