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Tehri News: देवप्रयाग में 126 भवनों को जोड़ेगा नया को-ट्रीटमेंट सीवर प्लांट सीवर
Thu, 25 Sep 2025 06:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 25 Sep 2025 06:34 PM IST
सार
मुनिकीरेती नीम बीच क्षेत्र में हाल ही में तेज बारिश और मलबे के कारण मुख्य सीवर नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गया। इससे एसटीपी लगभग निष्क्रिय हो गया है। मरम्मत कार्य जलस्तर सामान्य होने पर शुरू किया जाएगा।
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विस्तार
मुनिकीरेती नीम बीच क्षेत्र में आपदा की भेंट चढ़ा सीवर नेटवर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिलास्तरीय गंगा समिति की बैठक में गंगा संरक्षण, सीवर प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में संचालित एसटीपी की क्षमता, उनकी मौजूदा स्थिति और नए निर्माणाधीन प्लांटों की प्रगति की समीक्षा की गई।
डीपीओ नमामि गंगे परियोजना अरुण उनियाल ने बैठक में बताया कि देवप्रयाग में 126 भवनों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने के लिए 5.0 केएलडी क्षमता वाला को-ट्रीटमेंट प्लांट बाह बाजार में तैयार किया जा रहा है। अगले एक सप्ताह में यह प्लांट परीक्षण के लिए तैयार कर लिया जाएगा। नगर पालिका देवप्रयाग से भी समन्वय स्थापित कर लिया गया है। ताकि नगर क्षेत्र से निकलने वाले सीवर पिट व अन्य अपशिष्ट को यहां ट्रीटमेंट के लिए लाया जा सके।
परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा ने बताया कि बीते 15 सितंबर को तेज बरसात और मलबे के कारण मुनिकीरेती नीम बीच बरसाती नाला, डिकान वैली और घुघत्याली नाले में बिछी 350 एमएम व्यास की ग्रेविटी सीवर लाइन बह गई। इसके साथ ही सच्चाधान एसपीएस से एसटीपी को जोड़ने वाली 300 एमएम व्यास की राइजिंग मेन सीवर लाइन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इन लाइनों के बह जाने से 3.5 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी लगभग निष्क्रिय हो गया है। वर्तमान में उसमें अपशिष्ट जल का प्रवाह शून्य के बराबर है।
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पेयजल निगम ने क्षतिग्रस्त सीवर नेटवर्क की मरम्मत का प्राकलन तैयार कर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन देहरादून को भेज दिया है। वर्तमान में नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। जल स्तर सामान्य होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में डीएफओ टिहरी वन प्रभाग पुनीत तोमर, जिला पर्यटन अधिकारी सोबन सिंह राणा, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम संदीप कश्यप आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी। डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिलास्तरीय गंगा समिति की बैठक में गंगा संरक्षण, सीवर प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में संचालित एसटीपी की क्षमता, उनकी मौजूदा स्थिति और नए निर्माणाधीन प्लांटों की प्रगति की समीक्षा की गई।
डीपीओ नमामि गंगे परियोजना अरुण उनियाल ने बैठक में बताया कि देवप्रयाग में 126 भवनों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने के लिए 5.0 केएलडी क्षमता वाला को-ट्रीटमेंट प्लांट बाह बाजार में तैयार किया जा रहा है। अगले एक सप्ताह में यह प्लांट परीक्षण के लिए तैयार कर लिया जाएगा। नगर पालिका देवप्रयाग से भी समन्वय स्थापित कर लिया गया है। ताकि नगर क्षेत्र से निकलने वाले सीवर पिट व अन्य अपशिष्ट को यहां ट्रीटमेंट के लिए लाया जा सके।
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परियोजना प्रबंधक निर्माण एवं अनुरक्षण इकाई गंगा ने बताया कि बीते 15 सितंबर को तेज बरसात और मलबे के कारण मुनिकीरेती नीम बीच बरसाती नाला, डिकान वैली और घुघत्याली नाले में बिछी 350 एमएम व्यास की ग्रेविटी सीवर लाइन बह गई। इसके साथ ही सच्चाधान एसपीएस से एसटीपी को जोड़ने वाली 300 एमएम व्यास की राइजिंग मेन सीवर लाइन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इन लाइनों के बह जाने से 3.5 एमएलडी क्षमता वाला एसटीपी लगभग निष्क्रिय हो गया है। वर्तमान में उसमें अपशिष्ट जल का प्रवाह शून्य के बराबर है।
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पेयजल निगम ने क्षतिग्रस्त सीवर नेटवर्क की मरम्मत का प्राकलन तैयार कर राज्य स्वच्छ गंगा मिशन देहरादून को भेज दिया है। वर्तमान में नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। जल स्तर सामान्य होते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में डीएफओ टिहरी वन प्रभाग पुनीत तोमर, जिला पर्यटन अधिकारी सोबन सिंह राणा, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, अधीक्षण अभियंता पेयजल निगम संदीप कश्यप आदि मौजूद रहे।