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Tehri News: ‘मुझको पहाड़ी न बोलो जी...’ पर झूम उठे दर्शक

Sun, 18 Oct 2026 05:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Sun, 18 Oct 2026 05:14 PM IST
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Negi Da's melodies and Diksha Badoni's dance enthralled the audience at the seventh cultural evening.
सातवीं सांस्कृतिक संध्या में नेगी दा के सुर और दीक्षा बडोनी के नृत्य ने बांधा समां
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नरेंद्रनगर (टिहरी)। ‘मुझको पहाड़ी न बोलो जी, मैं देहरादून वाला हूं’... गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के इस गीत के बोल गूंजे तो कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में दर्शक झूम उठे। करीब 40-45 साल पहले कुंजापुरी मेले के मंच से नेगी दा के लोकगायक का सफर शुरू हुआ था और आज उसी मंच पर वे अपने बेटे कविलाश नेगी के साथ प्रस्तुति देने पहुंचे तो दर्शक पिता-पुत्र को एक साथ देखकर खुशी से झूम उठी। वहीं, दीक्षा बडोनी ने भी रंगारंग प्रस्तुति दी।
शनिवार को सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट और कुंवर सिंह चौहान ने किया। मंत्री सुबोध ने नेगी दा से जुड़ा संस्मरण साझा करते हुए बताया कि करीब 40-45 वर्ष पूर्व नरेंद्र सिंह नेगी टिहरी में सूचना विभाग में कार्यरत थे।
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इसी दौरान नरेंद्रनगर कुंजापुरी मेले के मंच से उनके गीतों और सांगीतिक सफर को शुरुआती पहचान मिली। उन्होंने मेले के विकास और भव्य आयोजन के लिए आर्थिक सहयोग देने वालों का जिक्र करते हुए बताया कि समाजसेवी दिनेश चमोली ने 21 लाख रुपये, वेस्टर्न होटल ग्रुप ने 20 लाख रुपये और ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान ने 10 लाख रुपये की सहयोग राशि दी है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार जताया।
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इसके बाद नेगी दा ने मां कुंजापुरी की स्तुति के साथ सांस्कृतिक संध्या शुरू की। उनके बेटे कविलाश नेगी के साथ मंच पर पहुंचते ही पांडाल तालियों से गूंज उठा। पिता-पुत्र की जोड़ी ने ‘मुझको पहाड़ी न बोलो जी, मैं देहरादून वाला हूं’ गीत प्रस्तुत किया तो दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। नेगी दा ने ‘तेरो मछोई’, ‘नारंगी की दाणी हो’, ‘नौछमी नरैणा’ और ‘क्या दिन क्या रात’ जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुतियां देकर सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाया। दीक्षा बडोनी ने ‘झुमकी’, ‘मेरी पहाड़न’ और ‘नखर्याली’ गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुतियों पर भी पांडाल में खूब तालियां बजी।
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