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बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से ही रुकेगा पलायन
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पहाड़ के गांवों से लगातार हो रहे पलायन के कारण और रोकने के उपाय पर पलायन आयोग के उपाध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पलायन को रोकने के लिए सुझाव भी मांगे गए।
ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक में पहाड़ की गंभीर समस्या पलायन पर विराम लगाने के लिए सुझाव मांगने के साथ ही लोगों के विचार भी जाने गए। पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने ग्रामीणों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किए जाने से पलायन की समस्या से निजात मिल सकती है। उन्होंने स्वरोजगार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की। बताया कि आयोग अधिकारियों के माध्यम से पलायन रोकने और वजह को लेकर सुझाव मांग रही है। बीडीओ ध्यान सिंह रावत ने कहा कि गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के साथ ही रोजगार के साधन पैदा करने से पलायन स्वत: ही थमने लगेगा। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन, बकरी पालन, कृषि, पशुपालन व्यवसाय के जरिए ग्रामीणों की आमदनी बढ़ायी जा सकती है। इस मौके पर डीपी चमोली, वीरू शाह, संजय बडोनी आदि मौजूद थे।
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ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक में पहाड़ की गंभीर समस्या पलायन पर विराम लगाने के लिए सुझाव मांगने के साथ ही लोगों के विचार भी जाने गए। पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी ने ग्रामीणों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किए जाने से पलायन की समस्या से निजात मिल सकती है। उन्होंने स्वरोजगार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की। बताया कि आयोग अधिकारियों के माध्यम से पलायन रोकने और वजह को लेकर सुझाव मांग रही है। बीडीओ ध्यान सिंह रावत ने कहा कि गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने के साथ ही रोजगार के साधन पैदा करने से पलायन स्वत: ही थमने लगेगा। उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन, बकरी पालन, कृषि, पशुपालन व्यवसाय के जरिए ग्रामीणों की आमदनी बढ़ायी जा सकती है। इस मौके पर डीपी चमोली, वीरू शाह, संजय बडोनी आदि मौजूद थे।
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