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सड़क से नहीं जुड़ पाया शहीद का गांव
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कारगिल शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव को सरकार आजतक सड़क से नहीं जोड़ पाई है। सरकार ने शहीद के गांव के लिए सड़क तो मंजूर कराई, लेकिन उसका काम शुरू नहीं करवाया। सड़क निर्माण में आ रही भूमि के सर्किल रेट को लेकर कुछ ग्रामीणों ने विवाद किया हुआ है, लेकिन शासन-प्रशासन दो साल में भी विवाद को नहीं सुलझा पाया है।
जिला मुख्यालय से सटे खेमड़ा गांव के दिनेश दत्त बहुगुणा कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। इस दौरान सरकार ने शहीद के गांव को सड़क से जोड़ने की घोषणा की थी। वर्ष 2004 में शहीद के गांव के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी। 2020 में सरकार से वन भूमि संबंधी विवाद निपटाकर भागीरथीपुरम से खेमड़ा-कुंडली साढे चार किमी सड़क स्वीकृत कर तीन करोड़ 46 लाख जारी किए थे। लोनिवि बौराड़ी ने अक्तूबर 2020 में सड़क निर्माण शुरू करवाया था, लेकिन सड़क निर्माण पर बुडोगी, पांगरखाल और पिपली के आधा दर्जन ग्रामीणों की भूमि आ रही है, जिन्होंने भूमि के सर्किट रेट कम बताते हुए काम बंद करवा रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों से सटी भूमि के सर्किल रेट तो एक लाख 40 हजार रुपये प्रति नाली है। जबकि उनकी भूमि के रेट केवल 33 हजार प्रति नाली दिए जा रहे हैं। ऐसे में जब तक उनकी भूमि के सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाते हैं, तब तक सड़क निर्माण नहीं होने देंगे।
कुछ ग्रामीणों ने भूमि के सर्किल रेट कम होने के कारण सड़क निर्माण बंद करवा रखा है। कई बार संबंधित ग्रामीणों से वार्ता भी की गई है, लेकिन हल नहीं मिल पाया है। सर्किल रेट बढ़ाने की पत्रावली प्रशासन को भेजी गई है।
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-दीपक अग्रवाल, सहायक अभियंता, लोनिवि बौराड़ी।
2004 में मैंने शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव के लिए सड़क स्वीकृत करवाई थी, लेकिन इस दौरान वनभूमि संबंधी कुछ दिक्कतों के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अब यदि सर्किल रेट को लेकर विवाद है, तो इसे दूर करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
-किशोर उपाध्याय, विधायक टिहरी।
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जिला मुख्यालय से सटे खेमड़ा गांव के दिनेश दत्त बहुगुणा कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। इस दौरान सरकार ने शहीद के गांव को सड़क से जोड़ने की घोषणा की थी। वर्ष 2004 में शहीद के गांव के लिए सड़क स्वीकृत हुई थी। 2020 में सरकार से वन भूमि संबंधी विवाद निपटाकर भागीरथीपुरम से खेमड़ा-कुंडली साढे चार किमी सड़क स्वीकृत कर तीन करोड़ 46 लाख जारी किए थे। लोनिवि बौराड़ी ने अक्तूबर 2020 में सड़क निर्माण शुरू करवाया था, लेकिन सड़क निर्माण पर बुडोगी, पांगरखाल और पिपली के आधा दर्जन ग्रामीणों की भूमि आ रही है, जिन्होंने भूमि के सर्किट रेट कम बताते हुए काम बंद करवा रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों से सटी भूमि के सर्किल रेट तो एक लाख 40 हजार रुपये प्रति नाली है। जबकि उनकी भूमि के रेट केवल 33 हजार प्रति नाली दिए जा रहे हैं। ऐसे में जब तक उनकी भूमि के सर्किल रेट नहीं बढ़ाए जाते हैं, तब तक सड़क निर्माण नहीं होने देंगे।
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कुछ ग्रामीणों ने भूमि के सर्किल रेट कम होने के कारण सड़क निर्माण बंद करवा रखा है। कई बार संबंधित ग्रामीणों से वार्ता भी की गई है, लेकिन हल नहीं मिल पाया है। सर्किल रेट बढ़ाने की पत्रावली प्रशासन को भेजी गई है।
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-दीपक अग्रवाल, सहायक अभियंता, लोनिवि बौराड़ी।
2004 में मैंने शहीद दिनेश दत्त बहुगुणा के गांव के लिए सड़क स्वीकृत करवाई थी, लेकिन इस दौरान वनभूमि संबंधी कुछ दिक्कतों के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। अब यदि सर्किल रेट को लेकर विवाद है, तो इसे दूर करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
-किशोर उपाध्याय, विधायक टिहरी।